फतेहपुर से भीम शंकर की रिपोर्ट —
फतेहपुर/जनमत न्यूज। जनपद फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा गांव में बुधवार शाम एक ही परिवार के तीन लोगों के खून से लथपथ शव घर के अंदर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी पुलिस बल के साथ फॉरेंसिक टीम पहुंची।
जानकारी के अनुसार, बंद कमरे के अंदर 55 वर्षीय महिला सुशीला और उनके 28 वर्षीय बेटे अमर मृत अवस्था में मिले, जबकि 52 वर्षीय देवर सुनील गंभीर हालत में मिले, जिन्होंने बाद में दम तोड़ दिया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण शुरुआत में मामले को संदिग्ध माना गया और आपसी हत्या या आत्महत्या की आशंका जताई गई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जिनमें एक सुसाइड नोट, गिलास में घुला हुआ सल्फास और ब्लेड बरामद होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इस घटना को हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का मामला मान रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। Jyoti Narayan ने देर रात घटनास्थल का निरीक्षण किया और मीडिया को बताया कि फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है।
एडीजी के अनुसार घटनास्थल पर ब्लेड पड़े मिले हैं और संभावना है कि तीनों ने पहले सल्फास का सेवन किया और फिर ब्लेड से अपने गले और हाथ की नसें काट लीं। कमरे में खून के निशान तो मिले हैं, लेकिन संघर्ष के कोई संकेत नहीं पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि घर के लोहे के दरवाजे अंदर से बंद थे, जिन्हें पड़ोसियों की मदद से तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। प्राथमिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि परिवार पर कुछ आर्थिक दबाव था और कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर एससी-एसटी एक्ट लगाने की धमकी दी जा रही थी। सुसाइड नोट में कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।
फिलहाल पुलिस मृतका के पति, परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।