उरई: बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने के लिए वेतवा किनारे के गांवों से युवाओं को किया जाएगा प्रशिक्षित
उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय जिले के विकास के बारे सोचते तो है ही इसके साथ साथ उनके दिमाग में जनपद के बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने की कसक है।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय जिले के विकास के बारे सोचते तो है ही इसके साथ साथ उनके दिमाग में जनपद के बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने की कसक है। जिसके चलते उन्होंने वेतवा नदी के किनारे बसे 53 गांवों के बेरोजगारों को रोजगार देने की कवायद की है।
इसके तहत पहले चरण में इन गांवों से 150 पड़े लिखे युवाओं का चयन होगा जिनकी भारत सरकार द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा प्रशिक्षण 4 से 6 माह का होगा इसके बाद जो युवा जिस कार्य के योग्य होगा उसके हिसाब से उसे पदस्थ किया जाएगा।
हालांकि अभी इन गांवों को बहुत ही पिछड़ा माना जाता है यहां के युवाओं को पैसे के लिए गलत काम करने पड़ते है जिससे इनका भविष्य चौपट हो जाता है।
भारत सरकार से जो कंपनी आएगी वह युवाओं की योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देगी प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि पहले चरण में यदि सफलता मिलती है तो आगे दूसरे एवं तीसरा चरण का चयन इन्हीं गांवों से कराया जाएगा। इस प्रशिक्षण में छोटे से बड़े कार्यों को जोड़ा गया है प्रत्येक युवा की दक्षता के अनुसार उसे प्रशिक्षण कराया जाएगा।

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