‘न्यू इटावा' के संकल्प के साथ हुंकार, औद्योगिक क्रांति और रोजगार के लिए निकलेगी विशाल वाहन रैली
उप्र के इटावा शहर के भविष्य और युवाओं के बेहतर कल के लिए इटावा विकास मंच ने एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
इटावा से पुनीत दीक्षित की रिपोर्ट
इटावा/जनमत न्यूज़। उप्र के इटावा शहर के भविष्य और युवाओं के बेहतर कल के लिए इटावा विकास मंच ने एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। लॉर्ड कृष्णा मैरिज हॉल में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान मंच के संस्थापक नवीन दुबे एडवोकेट ने 'न्यू इटावा' यानी औद्योगिक इटावा के गठन का खाका पेश करते हुए आगामी 4 अप्रैल को शहर में होने वाली विशाल वाहन रैली की घोषणा की।
यह रैली प्रातः 10:30 बजे बाबू बद्रीप्रसाद धर्मशाला से शुरू होगी, जिसका उद्देश्य जिले के ठप पड़े विकास और पलायन की समस्या को शासन-प्रशासन के गलियारों तक पहुँचाना है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नवीन दुबे ने जिले की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि साल 2000 में जन्मा युवा आज 26 वर्ष का हो चुका है, लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उसे अपने ही गृह जनपद में रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रोजगार के अभाव में जिले की पूरी युवा शक्ति बाहर चली जाएगी, तो भविष्य में यहाँ के बुजुर्गों की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचेगा।
इसी गंभीर संकट को देखते हुए उन्होंने स्थानीय उद्योगों के लिए विशेष औद्योगिक जोन बनाने की पुरजोर मांग की और कहा कि यह हमारे जनप्रतिनिधियों का नैतिक दायित्व है कि वे विधानसभा और लोकसभा जैसे उच्च सदनों में इटावा के औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएं।
नवीन दुबे ने बताया कि इस आंदोलन के तहत जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक 20 सूत्रीय ज्ञापन भेजा जाएगा। इस ज्ञापन में शहर की बुनियादी सुविधाओं और आधुनिक जरूरतों को शामिल किया गया है।
जिसमें नगर में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट का निर्माण, सभी सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने, तहसील की जगह पर मल्टी लेवल पार्किंग की सुविधा और इटावा के आसपास के क्षेत्रों को विशेष औद्योगिक जोन घोषित करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।
उन्होंने शहर की बदहाल स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि नगर में जल शोधन प्लांट न होने से पीने के पानी की गुणवत्ता लगातार गिर रही है और बंद पड़ी सीवर लाइनों व ट्रीटमेंट प्लांट की वजह से भूजल भी दूषित हो रहा है।
विकास का एक ठोस विजन रखते हुए उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए कचहरी में मल्टी लेवल चैम्बर्स और अधिवक्ता क्लब के निर्माण की बात कही।
साथ ही शिक्षित युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें औद्योगिक भूमि आवंटित की जाए और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर एजुकेशन लोन की तर्ज पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, जिसकी अदायगी उद्योग शुरू होने के पांच साल बाद न्यूनतम ब्याज के साथ ली जाए।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इटावा में एथेनॉल और आलू पाउडर बनाने जैसे प्लांट लगाए जाएं, तो यह जिला देश के अग्रणी औद्योगिक नगरों की श्रेणी में खड़ा हो सकता है। अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 अप्रैल का यह आयोजन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी विचारधारा के लोगों से इस रैली में शामिल होकर 'न्यू इटावा' के गठन का साक्षी बनने की भावुक अपील की।

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