योगी सरकार ने ज्वाइंट डायरेक्टर किया बर्खास्त

जांच में सामने आया कि उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं कीं, कदाचार किया, तथ्यों को छिपाया, न्यायिक आदेशों की अनदेखी की और नियमों के विरुद्ध आदेश पारित किए। इससे कुछ लोगों को उन्होंने अनुचित लाभ दिया। शेषनाथ पांडेय पर लगे आरोप तब के हैं जब वह मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार के पद पर थे। शेषनाथ के कृत्यों को सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली का उल्लंघन माना गया है।

योगी सरकार ने ज्वाइंट डायरेक्टर किया बर्खास्त
Published By - ANKUSH PAL

लखनऊ (जनमत ) :- यूपी में योगी सरकार ने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निलंबित संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को बर्खास्त कर दिया गया है। यूपी लोक सेवा आयोग से सहमति के बाद उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी हुए हैं। शेषनाथ पांडेय को भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

षनाथ पांडेय पर तीन मामलों में 15 आरोप लगे थे। जांच में 15 में से 14 आरोप में उन्हें दोष सिद्ध पाया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं कीं, कदाचार किया, तथ्यों को छिपाया, न्यायिक आदेशों की अनदेखी की और नियमों के विरुद्ध आदेश पारित किए। इससे कुछ लोगों को उन्होंने अनुचित लाभ दिया। शेषनाथ पांडेय पर लगे आरोप तब के हैं जब वह मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार के पद पर थे। शेषनाथ के कृत्यों को सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली का उल्लंघन माना गया है।

जांच अधिकारी की रिपोर्ट, अभिलेखीय साक्ष्य, संबंधित अधिकारी के जवाब के बाद बर्खास्तगी के सबंध में शासन ने यूपी लोक सेवा आयोग से सहमति ली थी। आयोग से मंजूरी मिलने के बाद उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। जांच के निष्कर्षों में कहा गया है कि शेषनाथ पांडेय का सेवा में बने रहना शासकीय एवं जनहित में नहीं है। शेषनाथ पांडेय पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी निर्णय लेने का दोष सिद्ध हुआ है।