हरदोई मेडिकल कॉलेज में निकली नशा मुक्ति पखवाड़ा के तहत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण से दिया नशा मुक्ति का संदेश

उप्र के हरदोई जनपद में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के मानसिक रोग विभाग ने 'नशा मुक्ति पखवाड़ा' का सफल आयोजन किया।

हरदोई मेडिकल कॉलेज में निकली नशा मुक्ति पखवाड़ा के तहत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण से दिया नशा मुक्ति का संदेश
Published By- Diwaker Mishra

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट

हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई जनपद में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के मानसिक रोग विभाग ने 'नशा मुक्ति पखवाड़ा' का सफल आयोजन किया। इस दौरान एक जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण समारोह और स्वच्छता अभियान जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ, नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली का आयोजन शुक्रवार की दोपहर 1:30 किया गया। यह जानकारी मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. शिवम यादव ने दी।

महाविद्यालय परिसर में एमबीबीएस विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और चिकित्सकों के लिए नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. जे. बी. गोगोई ने सभी प्रतिभागियों को नशामुक्त रहने और समाज को जागरूक करने की शपथ दिलाई।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को नष्ट करता है। एक स्वस्थ और जागरूक युवा ही राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

पखवाड़े के दौरान महाविद्यालय परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया गया। इसके बाद, महाविद्यालय परिसर से नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई।

जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। रैली में 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें', 'स्वस्थ युवा, सशक्त भारत' और 'नशा मुक्त भारत' जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशामुक्त समाज और स्वच्छ पर्यावरण ही विकसित भारत की नींव हैं।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. जे. बी. गोगोई, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (महिला) डॉ. सुबोध कुमार, डॉ. वी. पी. एस. तोमर, विभागाध्यक्ष डॉ. कुंवर अखिलेश, डॉ. मधुलिका शुक्ला, डॉ. सौरभ शुक्ला और फार्मासिस्ट विजय तिवारी सहित बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।