UPI पर जीरो MDR से छोटे कारोबारियों को राहत, डिजिटल लेन-देन बढ़ने की उम्मीद
UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर जीरो प्रतिशत MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था जारी रहने से छोटे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर जीरो प्रतिशत MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था जारी रहने से छोटे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार और NPCI के अनुसार ग्राहकों और दुकानदारों से UPI के जरिए भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसका सीधा लाभ छोटे किराना दुकानदारों, चाय-पान की दुकानों, कपड़ा कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिल सकता है।
नकदी उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ग्राहक आसानी से भुगतान कर सकेंगे, जिससे छोटे कारोबार में बिक्री प्रभावित होने की संभावना कम होगी। भुगतान सीधे बैंक खाते में पहुंचने से लेन-देन भी अधिक सुविधाजनक हो जाता है।
डिजिटल भुगतान से कारोबार का लेन-देन रिकॉर्ड तैयार होने के कारण भविष्य में बैंकिंग सेवाओं और ऋण के लिए वित्तीय गतिविधियों का प्रमाण उपलब्ध हो सकता है। इससे छोटे व्यापारियों के औपचारिक वित्तीय तंत्र से जुड़ने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, कुछ व्यापारी संगठनों की ओर से तकनीकी समस्याओं को लेकर चिंता भी जताई जाती रही है। नेटवर्क फेल होने, भुगतान अटकने या गलत खाते में भुगतान जैसी परिस्थितियां छोटे व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।
वहीं, भुगतान व्यवस्था से जुड़े कारोबारियों के लिए लागत और भविष्य की शुल्क व्यवस्था को लेकर भी चर्चा होती रही है। फिलहाल, जीरो MDR वाली UPI व्यवस्था छोटे व्यापारियों और ग्राहकों के बीच डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था के रूप में काम कर रही है।




