बुलंदशहर में इंसानियत की मिसाल, तरावीह छोड़ नमाजियों ने बुझाई आग, परिवार की बचाई जान
जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, नमाजी बिना देर किए इबादत छोड़कर मौके की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने मानवता और भाईचारे का परिचय देते हुए मस्जिद से पानी का पाइप जोड़कर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
बुलन्दशहर से सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट —
बुलंदशहर/जनमत न्यूज। बुलंदशहर के मोहल्ला फैसलाबाद से इंसानियत और आपसी सौहार्द की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है। यहां ललित लोधी के घर अचानक गैस सिलेंडर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई और परिवार की जान पर संकट खड़ा हो गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
इसी दौरान पास स्थित मस्जिद में मुस्लिम समाज के लोग तरावीह की नमाज अदा कर रहे थे। जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, नमाजी बिना देर किए इबादत छोड़कर मौके की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने मानवता और भाईचारे का परिचय देते हुए मस्जिद से पानी का पाइप जोड़कर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों की मुस्तैदी और साहस के चलते आग पर प्रारंभिक नियंत्रण पाया जा सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह आग पर काबू पा लिया। समय रहते की गई इस मदद से ललित लोधी का परिवार सुरक्षित बच गया।
घटना के बाद ललित लोधी और उनके परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जिस तरह सभी ने मिलकर मदद की, वह सामाजिक एकता और भाईचारे की सच्ची मिसाल है।
यह घटना न केवल मानवता का संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आपदा की स्थिति में धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।


