औरैया: IGRS/CM हेल्पलाइन पर 70 फीसदी से कम संतुष्टि पर रुकेगा वेतन, DM ने अधिकारियों को दी चेतावनी

उप्र के औरैया के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में जूम मीटिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया.

औरैया: IGRS/CM हेल्पलाइन पर 70 फीसदी से कम संतुष्टि पर रुकेगा वेतन, DM ने अधिकारियों को दी चेतावनी
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। उप्र के औरैया के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में जूम मीटिंग के माध्यम से विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि IGRS और CM हेल्पलाइन के प्रकरणों का निस्तारण दो दिन के भीतर सुधारकर संतुष्टि प्रतिशत 70 प्रतिशत तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति न होने पर वेतन आहरण संभव नहीं होगा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगरीय क्षेत्रों और ग्राम पंचायत स्तर तक अलाव आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को शीतलहर से सुरक्षा मिल सके। इसके साथ ही नागरिकों को शीतलहर से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात कर्मचारियों के कर्तव्य

जिलाधिकारी ने सीएचसी/पीएचसी के प्रभारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने के लिए अपने-अपने तैनाती स्थल पर उपस्थित रहें और हर जरूरतमंद को चिकित्सा लाभ उपलब्ध कराएं। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रातःही उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रातः 10:00 बजे जूम मीटिंग में सहभागी होना अनिवार्य है। अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

गोवंशों की सुरक्षा और गोआश्रय स्थलों की निगरानी

जिलाधिकारी ने शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गोवंशों की सुरक्षा, खान-पान और आश्रय की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गोआश्रय स्थलों का सतत निरीक्षण कर उसकी प्रतिदिन आख्या मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया, ताकि अवशेष कार्य पूर्ण कराया जा सके।

बैठक में अनुपस्थित विभागों पर नाराजगी

जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर विभाग और एआईजी स्टांप के अधिकारियों द्वारा जूम मीटिंग में गैरमौजूद रहने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शासन को भी इस अवगत कराया जाए। औरैया जिलाधिकारी ने शीतलहर और हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा के लिए दिए कड़े निर्देश।