बलरामपुर: फर्जी लाइसेंस से धोखाधड़ी करने के दो अभियुक्त गिरफ्तार, एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल

बलरामपुर के थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्रांतर्गत हफीज फूड्स प्रोपराइटर के नाम से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी लाइसेंस प्राप्त कर धोखाधड़ी करने के संबंध में पंजीकृत अभियोग से संबंधित 02 अभियुक्तों को आज गिरफ्तार किया गया है।

बलरामपुर: फर्जी लाइसेंस से धोखाधड़ी करने के दो अभियुक्त गिरफ्तार, एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर के थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्रांतर्गत हफीज फूड्स प्रोपराइटर के नाम से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी लाइसेंस प्राप्त कर धोखाधड़ी करने के संबंध में पंजीकृत अभियोग से संबंधित 02 अभियुक्तों को आज गिरफ्तार किया गया है।

केन्द्रीय अनुज्ञापन प्राधिकारी उप्र-2 FSSAI उत्तरी क्षेत्र गाजियाबाद रत्ना श्रीवास्तव व FSSAI स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा हफीज फूड्स के प्रोपराइटर मो.हफीज लाइसेन्स के खिलाफ प्रेषित जाँच रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर मुकदमा पंजीकृत हुआ था। विवेचना के दौरान मुकदमा उपरोक्त में अपराध पाया जा रहा था।

पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार द्वारा घटना का अनावरण व अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में थाना कोतवाली उतरौला पुलिस टीम द्वारा सम्बन्धित अभियुक्तगण मो. सैफ पुत्र अब्दुल समीम व अशफाक पुत्र चांद मोहम्मद निवासी को जनपद गोण्डा से आज 22 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।

उल्लेखनीय है कि मुकदमा उपरोक्त में नामित अभियुक्त मो. हफीज पुत्र अब्दुल हमीद निवासी मोहल्ला रफीनगर कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर को 25 दिसम्बर 2025 को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

अभियुक्तों द्वारा पूछने पर बताया गया कि साहब हम लोग बेरोजगार हैं हमने देखा कि उतरौला कस्बा में काफी मुस्लिम आबादी है। जहाँ पर भैंसे का गोस्त विक्रय किया जाना लाभदायक है, जिसके कारण हम लोगों ने पैसे कमाने के लालच में, अपने जानने वाले मोहम्मद हफीज पुत्र हमीद से दोस्ती कर तथा उन्हे प्रलोभन देकर लाइसेन्स बनवाने हेतु कहा गया और वह राजी हो गये

उन्होने हमें लाइसेंस बनवाने के लिए ढाई लाख रूपया दिया था। हम लोगों ने फर्जी व कूटरचित लाइसेन्स बनवाकर भैंसे का मांस कस्बा उतरौला में हफीज के देखरेख में हफीज फूड्स मीट शाप नामक दुकान पर बेचना व बेचवाना शुरू कर दिया।

जो पैसे मांस बेचने से मिलता था वह पैसा हम तीनो लोग आपस में बांट लेते थे और एक दूसरे का आर्थिक सहयोग भी करते थे। हम लोगों द्वारा कस्बा उतरौला में भैंस के मांस का बिक्रय हम लोगो द्वारा निर्मित किए गए कूटरचित व फर्जी लाइसेन्स के आधार पर किया जाता था ।