फिरोजाबाद: टूंडला की तहसीलदार ने डीएम पर लगाए गंभीर आरोप, ओएसडी पर साधा निशाना
उप्र के फिरोजाबाद जनपद की टूंडला तहसील की तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर गंभीर आरोप लगाए।
फिरोजाबाद से विमल कुमार सिंह की रिपोर्ट
फिरोजाबाद/जनमत न्यूज़। उप्र के फिरोजाबाद जनपद की टूंडला तहसील की तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे को तहसील परिसर स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भ्रष्टाचार और शोषण का आरोप लगाया।
एक जांच को बंद कराने के बदले उनसे लगभग 1.75 लाख रुपये का आईफोन लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जांच जानबूझकर शुरू की गई थी और बाद में इसे समाप्त करने के लिए महंगा मोबाइल फोन मांगा गया। तहसीलदार ने इस पूरे मामले में जिलाधिकारी के करीबी अधिकारियों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राखी शर्मा ने जिलाधिकारी के ओएसडी शैलेंद्र शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ओएसडी जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का शोषण करते हैं और काफी समय से पद पर बने हुए हैं और उन पर प्रशासनिक दबाव बनाकर काम कराते हैं।
हालांकि, जब उनसे विस्तृत जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कुछ बातें कैमरे के सामने कहने में संकोच व्यक्त किया। फिरोजाबाद में टूंडला तहसील की तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शुक्रवार को तहसील परिसर स्थित अपने कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भ्रष्टाचार और शोषण का आरोप लगाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राखी शर्मा ने जिलाधिकारी के ओएसडी शैलेंद्र शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ओएसडी जिले के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का शोषण करते हैं और उन पर प्रशासनिक दबाव बनाकर काम कराते हैं।
हालांकि, जब उनसे विस्तृत जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने कुछ बातें कैमरे के सामने कहने में संकोच व्यक्त किया। तहसीलदार ने जिले के बाबुओं पर करोड़ों रुपये की सरकारी जमीनों में अनियमितता और बंदरबांट का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि कुछ बाबुओं और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों का गलत तरीके से बंटवारा किया गया है। राखी शर्मा के अनुसार यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आ सकता है।
राखी शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद के जिलाधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका तर्क था कि जब तक उच्च स्तर पर जांच नहीं होगी, तब तक जिले में निष्पक्ष प्रशासन संभव नहीं है।
तहसीलदार ने अपने तबादले को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उनका स्थानांतरण टूंडला से शिकोहाबाद कर दिया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक आधिकारिक स्थानांतरण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
इसके बावजूद, उनकी जगह दूसरे तहसीलदार को भेज दिया गया है। राखी शर्मा ने इसे भी प्रशासनिक दबाव और उत्पीड़न का हिस्सा बताया।

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