गोरखपुर सदर अस्पताल बना दलालों का अड्डा, गरीबों से भी कर रहे अवैध वसूली

उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में ही उनकी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति का मखौल उड़ाया जा रहा है।

गोरखपुर सदर अस्पताल बना दलालों का अड्डा, गरीबों से भी कर रहे अवैध वसूली
Published By- Diwaker Mishra

गोरखपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में ही उनकी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति का मखौल उड़ाया जा रहा है। जिले का स्वास्थ्य महकमा दलालों के चंगुल में है जहां मरीजों से खुलेआम धन उगाही की जाती है। मामला गोरखपुर के सदर अस्पताल का है।

मिली जानकारी के अनुसार सिकरीगंज भटपुरवा निवासी बंशगोपाल शर्मा के पैर की हड्डी एक एक्सीडेंट में टूट गई थी जिसके बाद उन्हें गोरखपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बंशगोपाल के पैर का आज ऑपरेशन होना था जिसके लिए उन्हें कुछ चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण व दवाएं बाहर से लाने का फरमान सुनाया गया।

बात यहीं पर नहीं रुकी, सामान के पर्चे के साथ साथ बंशगोपाल के परिजनों को एक मोबाइल नंबर (08005185592) देकर उससे संपर्क करने को कहा गया। जब मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो वह शख्स ऑपरेशन थियेटर के सामने मिला और कहा कि तुम्हारा सामान आ गया है तुम सिर्फ रुपया (रु.13000/) दे दो। सामान अंदर ऑपरेशन थियेटर में रखा है।

इसके बाद बंशगोपाल के परिजन अस्पताल के वार्ड ब्वाय बताए जाने वाले अबरार और अभिलाष से मिले जिनसे अनुनय विनय करने पर रु.13000/ में एक हजार की छूट देते हुए रु.12000/ की वसूली उनसे की गई।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी अस्पतालों में दवा व इलाज़ मुफ्त है तो किस बात का पैसा लिया जा रहा है?

दूसरा सवाल यह है कि सरकारी अस्पतालों में दलाली की इजाजत कौन दे रहा है?

एक बड़ा सवाल और है कि बंशगोपाल का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर राजेंद्र शाही जो वरिष्ठ आर्थो सर्जन हैं, क्या उनकी जानकारी के बिना ऐसी धनउगाही व दलाली संभव है? लोगों का यह भी कहना है कि बिना पैसा लिए डॉक्टर ऑपरेशन ही नहीं करते।

यहां यह भी बता दें कि बंशगोपाल काफी गरीब है जो मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरीबों के प्रति संवेदनशीलता तो दूसरी ओर उन्ही के गृह जनपद में एक मजदूर से इलाज़ के नाम पर ऐसी धनउगाही। अब देखना है कि ऐसे संवेदनहीन लोगों के खिलाफ शासन प्रशासन क्या कार्यवाही करता है?