हरदोई कांग्रेस ने अपने नेताओं की नजरबंदी पर जताया कड़ा विरोध, बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रस्तावित अयोध्या दर्शन एवं प्रभु श्रीराम पूजन कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किए जाने और हिरासत में लेने पर हरदोई जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ी आपत्ति जताई है।

हरदोई कांग्रेस ने अपने नेताओं की नजरबंदी पर जताया कड़ा विरोध, बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन
Published By- Diwaker Mishra

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट

हरदोई/जनमत न्यूज़। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रस्तावित अयोध्या दर्शन एवं प्रभु श्रीराम पूजन कार्यक्रम से पहले कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किए जाने और हिरासत में लेने पर हरदोई जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ी आपत्ति जताई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडे ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन बताया।

विक्रम पांडे ने कहा कि अयोध्या प्रस्थान रोकने के उद्देश्य से सोमवार रात से ही कांग्रेस नेताओं के घरों पर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। मंगलवार सुबह उन्हें जिला कांग्रेस कार्यालय से हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद कार्यालय पहुंचने वाले अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर शहर कोतवाली भेज दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल केवल प्रभु श्रीराम के दर्शन और पूजन के लिए अयोध्या जा रहा था। इसके बावजूद प्रशासन की कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक गतिविधियों से भी भयभीत है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक दल के नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आस्था और संस्कृति के प्रतीक हैं श्रद्धालुओं और नेताओं को दर्शन से रोकना संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

विक्रम पांडे ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान,लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

वहीं हिरासत में लिए गए नेताओं में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई अध्यक्ष हसन अहमद, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम दीक्षित, जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह चंदेल, जिला महासचिव गोपाल पांडे, पी.पी. वर्मा, पीसीसी सदस्य आशीष पाल, अनूप दीक्षित और मेहताब अहमद सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।