वृंदावन में संत राघवेंद्र आचार्य ने अखिलेश यादव पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव द्वारा वृंदावन में यदुवंश गोलोक हिंदी संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ।

वृंदावन में संत राघवेंद्र आचार्य ने अखिलेश यादव पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

मथुरा से सैय्यद जाहिद की रिपोर्ट —

वृंदावन/जनमत न्यूज। वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित श्याम कुटी के सामने मोहिनी नगर में रहने वाले संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव द्वारा वृंदावन में यदुवंश गोलोक हिंदी संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ।

संत राघवेंद्र आचार्य महाराज ने बताया कि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर कई बार आश्वासन दिए गए। इस संबंध में तत्कालीन मंत्रियों द्वारा पत्राचार भी किया गया, किंतु वर्षों बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने इसे संत समाज और धार्मिक संस्थाओं के प्रति उपेक्षा करार दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव द्वारा उनसे पूजा-पाठ और यज्ञ संपन्न कराया गया था, जिसमें 108 ब्राह्मणों को शामिल किया गया, लेकिन आज तक उन ब्राह्मणों की दक्षिणा का भुगतान नहीं किया गया। संत राघवेंद्र आचार्य ने कहा कि बार-बार संपर्क करने और आग्रह करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।

आचार्य महाराज ने कहा कि यदि भविष्य में भी संतों और धार्मिक संस्थाओं के साथ इसी प्रकार व्यवहार किया गया और किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया, तो इसका राजनीतिक प्रभाव भी पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज का अपमान और वादाखिलाफी जनता के बीच गलत संदेश देती है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी ने संतों और धार्मिक संस्थानों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि संत राघवेंद्र आचार्य महाराज श्री वैष्णव प्रशिक्षण संस्थान, श्री बैकुंठ धाम (श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर), पानी घाट परिक्रमा मार्ग, श्याम कुटी के निकट, वृंदावन के संस्थापक अध्यक्ष हैं।