संभल हिंसा प्रकरण में AI के माध्यम से इंस्पेक्टर की गवाही, यूपी में पहली बार तकनीक का प्रयोग

मामला 24 नवंबर 2024 को न्यायालय के आदेश पर शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवादित स्थल के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा से जुड़ा है।

संभल हिंसा प्रकरण में AI के माध्यम से इंस्पेक्टर की गवाही, यूपी में पहली बार तकनीक का प्रयोग
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

संभल से रामब्रेस यादव की रिपोर्ट —

संभल/जनमत न्यूज। संभल हिंसा प्रकरण से जुड़े बिलाल हत्याकांड मामले की सुनवाई चंदौसी न्यायालय में हुई, जहां जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के माध्यम से अपनी गवाही दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश में यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब किसी पुलिस इंस्पेक्टर ने न्यायालय में AI तकनीक के जरिए गवाही दी हो। इस घटनाक्रम को न्यायिक प्रक्रिया में तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मामला 24 नवंबर 2024 को न्यायालय के आदेश पर शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवादित स्थल के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा से जुड़ा है। सर्वे की कार्रवाई के समय अचानक हालात बिगड़ गए थे और देखते ही देखते क्षेत्र में पथराव व फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी और अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इसी हिंसा के दौरान बिलाल की हत्या का मामला सामने आया था, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सारिक साटा है, जो वर्तमान में विदेश में रहकर कथित तौर पर घटनाक्रम को संचालित कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि सारिक साटा ने दुबई में बैठकर हिंसा की साजिश रची और अपने गुर्गों के माध्यम से उसे अंजाम दिलवाया।

इस मामले में नामजद आरोपी मुल्ला अफरोज और गुलाम को गिरफ्तार कर मुरादाबाद जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की भूमिका हिंसा भड़काने और हत्याकांड में सक्रिय रही है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

चंदौसी न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान AI के माध्यम से दर्ज गवाही को लेकर कानूनी और तकनीकी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसे न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों व गवाहियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। संभल हिंसा से जुड़े इस प्रकरण पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।