चरथावल मार्ग पर सड़क निर्माण को लेकर उठे भ्रष्टाचार के आरोपों की जनमत न्यूज ने की पड़ताल, ज़मीनी हकीकत आई सामने

समाजसेवी सुमित मलिक बीते दो दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है।

चरथावल मार्ग पर सड़क निर्माण को लेकर उठे भ्रष्टाचार के आरोपों की जनमत न्यूज ने की पड़ताल, ज़मीनी हकीकत आई सामने
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —

चरथावल/मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज। चरथावल मार्ग पर राजवाहे की पटरी पर बन रही सड़क को लेकर सिंचाई विभाग पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अब ज़मीनी हकीकत सामने आने लगी है। आरोपों की सच्चाई जानने के लिए जनमत न्यूज की टीम लगातार दूसरे दिन भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए ज़ीरो ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की।

उल्लेखनीय है कि समाजसेवी सुमित मलिक बीते दो दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है और निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है। इसी मांग को लेकर वे जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, जब जनमत न्यूज की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और राहगीरों से बातचीत की, तो एक अलग ही तस्वीर सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बनने से पहले हालात बेहद खराब थे। बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन लगभग ठप हो जाता था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण के बाद स्थिति में काफी सुधार हुआ है। अब रास्ता सुगम हो गया है और दैनिक आवाजाही पहले की तुलना में कहीं बेहतर हो गई है। कई लोगों ने यह भी कहा कि नई सड़क मजबूत दिखाई दे रही है और फिलहाल इसके निर्माण से उन्हें राहत मिली है।

इस पूरे मामले में सड़क निर्माण को लेकर लगाए जा रहे आरोपों और स्थानीय लोगों द्वारा बताई जा रही ज़मीनी सच्चाई के बीच स्पष्ट विरोधाभास नजर आ रहा है। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या रुख अपनाता है और जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।