मुजफ्फरनगर: दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का कोर्ट का निर्देश, की थी रिश्वत की मांग

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में अधिवक्ता दिलबहार अली द्वारा थाना ककरौली में तैनात रहे दरोगा वीरेंद्र कुमार के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में CrPC की धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था।

मुजफ्फरनगर: दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का कोर्ट का निर्देश, की थी रिश्वत की मांग
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में अधिवक्ता दिलबहार अली द्वारा थाना ककरौली में तैनात रहे दरोगा वीरेंद्र कुमार के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में सीआरपीसी (CrPC) की धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि एक मुकदमे के संबंध में दरोगा द्वारा 25,000 की रिश्वत की मांग की गई थी। आरोप है कि रकम न देने पर शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई की गई। पीड़ित का कहना है कि उसने थाना पुलिस से लेकर एसएसपी, डीआईजी और डीजीपी तक शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय की शरण ली। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती कविता अग्रवाल ने संबंधित पुलिस अधिकारी को 7 दिन के भीतर मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराने के आदेश जारी किए हैं। सूत्रों के अनुसार, दरोगा वीरेंद्र कुमार वर्तमान में थाना मीरापुर में तैनात हैं।

नोट: दरोगा के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। उनकी सत्यता का अंतिम निर्णय पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।