अमेठी में ऑपरेशन कन्विक्शन; पति की हत्या कर कुएं में फेंका, पत्नी को आजीवन करावास
उप्र के अमेठी जनपद में पति की हत्या कर शव कुएं में फेंकने के करीब आठ वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने अभियुक्ता को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अमेठी से राम मिश्रा की रिपोर्ट
अमेठी/जनमत न्यूज़। उप्र के अमेठी जनपद में पति की हत्या कर शव कुएं में फेंकने के करीब आठ वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने अभियुक्ता को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न अदा करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में चल रहे मुकदमों में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी की जा रही है।
इसी क्रम में अभियोजन अधिकारी, न्यायालय पैरोकार एवं मॉनीटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप हत्या के मामले में अभियुक्ता सुनीता निवासी थाना जायस को दोषसिद्ध कराने में सफलता मिली। मामले की सुनवाई न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायबरेली में हुई।
न्यायालय ने बुधवार को अभियुक्ता सुनीता को धारा 302 भादवि के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 भादवि के तहत एक वर्ष के कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
लाठी-डंडों से पीटकर पति की हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर 2018 को वादी मुकदमा मनोज कुमार निवासी अब्दूमऊ थाना जायस ने तहरीरी सूचना देकर आरोप लगाया था कि अभियुक्ता सुनीता ने अपने पति मुकेश को लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया। सूचना के आधार पर थाना जायस में धारा 302 व 201 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष जायस रविन्द्र सिंह ने की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 19 दिसंबर 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।लगातार प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने अभियुक्ता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।




