रायबरेली में फिरोज गांधी के ड्राइविंग लाइसेंस पर सियासी घमासान, दिनेश सिंह ने दस्तावेज़ पर उठाए सवाल
रायबरेली जनपद की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश सिंह ने फिरोज गांधी से जुड़े ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सवाल खड़े करते हुए इसकी वैधता की जांच की मांग की है।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश सिंह ने फिरोज गांधी से जुड़े ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सवाल खड़े करते हुए इसकी वैधता की जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि यह लाइसेंस रायबरेली के रहने वाले विकास सिंह द्वारा उन्हें सौंपा गया था, ऐसे में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि यह दस्तावेज उसके पास कहां से आया।
दिनेश सिंह ने इस पूरे मामले को राहुल गांधी की हालिया रायबरेली यात्रा से जोड़ते हुए आशंका जताई कि कहीं इसे महज़ एक राजनीतिक इवेंट बनाने के लिए तो इस्तेमाल नहीं किया गया।
यह बयान उस प्रेस वार्ता के दौरान आया, जिसमें राज्य मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा मनरेगा चौपाल में उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष रखा। मनरेगा के नाम बदले जाने को लेकर उन्होंने कहा कि यह योजना पहले भी अलग-अलग नामों से संचालित होती रही है।
मोदी सरकार पर गरीबों के अधिकार खत्म करने के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि जीबीबीजी रामजी योजना संशोधन के बाद पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। राहुल गांधी द्वारा अडानी-अंबानी का नाम लिए जाने पर भी राज्य मंत्री ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।


