संभल: 199 बीघा तालाब और झील की पैमाइश शुरू, बुलडोजर कार्रवाई से भूमि चिन्हित
उप्र के संभल जनपद में 199 बीघा तालाब और झील की पैमाइश शुरू हो गई है। बुलडोजर कार्रवाई से भूमि चिन्हित कर ली गई है। दरगाह शहादेश मोहम्मद से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया।
संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट
संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में 199 बीघा तालाब और झील की पैमाइश शुरू हो गई है। बुलडोजर कार्रवाई से भूमि चिन्हित कर ली गई है। दरगाह शहादेश मोहम्मद से जुड़े लोगों ने इसका विरोध किया।
तालाब और झीलों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए राजस्व विभाग ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है । इस अभियान के तहत भूमि की पैमाइश की गई।
पूरा मामला उप्र के जनपद संभल की संभल तहसील क्षेत्र के गांव बराही का है, जहां जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित की गई।
गांव बराही के गाटा संख्या 654 और 635, वहीं रहटोल की गाटा संख्या 1675 में 44 बीघा झील राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। एसडीएम निधि पटेल और तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में राजस्व टीम ने फीता डालकर पैमाइश कराई।कब्जा करने वाले लोगों के मुताबिक यह उनके पूर्वजों की संपत्ति है।
उन्होंने दावा किया कि उनके पूर्वजों के नाम दरगाह शेख मोहम्मद साहब रहमतुल्लाह अलैह के नाम से वक्फ संख्या 304 में करीब 18 बीघा भूमि दर्ज है, जिसमें 5 से 6 गाटा शामिल हैं।
संभल एसडीएम निधि पटेल ने बताया कि तहसील संभल के ब्लॉक संभल स्थित गांव बराही में जितने भी तालाब और झील हैं, उन सभी का चिन्हांकन कर उनकी समीक्षा की जा रही है। यदि कहीं स्थायी कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाकर सभी वॉटर बॉडीज़ को उनके मूल स्वरूप में लाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की टीम गांव बराही में मौजूद है। यहां दो श्रेणियों-झील और तालाब- की कुल लगभग 10 हेक्टेयर भूमि है।
आज पूरी जमीन का चिन्हांकन किया जा रहा है और जहां भी स्थायी कब्जा मिला है, उसे हटाया जाएगा। इसके बाद विकास विभाग द्वारा इस क्षेत्र का सुंदरीकरण कराया जाएगा।
एसडीएम ने कहा कि ग्राम बराही के बाद अगला अभियान ग्राम राठौर में चलाया जाएगा, जो तहसील संभल क्षेत्र में आता है। वहीं, अनमारुल हाती ने बताया कि गांव बराही, जिला संभल के मोहल्ला कुरैशी का यह मामला है। उन्होंने कहा कि वह यहां के निवासी हैं और यह भूमि उनके पूर्वजों की संपत्ति है। इस क्षेत्र में उनके लगभग 6 गाटा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 643 और 46 सहित निजी संपत्ति से होकर तालाब के लिए रास्ता निकाला जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि यह उनकी निजी संपत्ति है और जो रास्ता बनाया जा रहा है, वह भी अवैध है, क्योंकि यह नक्शे में दर्ज नहीं है।
अनमारुल हाती ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2015 में भी इस संबंध में एसडीएम को जानकारी दी थी और वाद दायर किया था। उस समय आश्वासन दिया गया था कि उनकी निजी संपत्ति में कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जो कार्य हो रहा है, वह सही है। उन्होंने कहा कि अब वह इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे।

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