संभल में प्राथमिक विद्यालय की बड़ी लापरवाही, कक्षा 3 की छात्रा को दे दिया कक्षा 5 का परिणाम

उप्र के संभल जनपद से शिक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बका मामला सामने आ रहा है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 में पढ़ने वाली छात्रा को कक्षा 5 का रिपोर्ट कार्ड दे दिया गया।

संभल में प्राथमिक विद्यालय की बड़ी लापरवाही, कक्षा 3 की छात्रा को दे दिया कक्षा 5 का परिणाम
Published By- Diwaker Mishra

संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद से शिक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बका मामला सामने आ रहा है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 में पढ़ने वाली छात्रा को कक्षा 5 का रिपोर्ट कार्ड दे दिया गया। इतना ही नहीं, जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो छात्रा को स्कूल आने से भी मना कर दिया गया।

पूरा मामला संभल के बहजोई क्षेत्र स्थित नगर पालिका परिषद के अप्राथमिक विद्यालय, गोलागंज का है। दुर्गा कॉलोनी निवासी इंद्रेशी की 9 वर्षीय बेटी मायरा इस विद्यालय में कक्षा 3 की छात्रा है लेकिन विद्यालय प्रशासन ने उसे कक्षा 5 उत्तीर्ण का प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिससे परिजन हैरान रह गए।

परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी अभी कक्षा 3 के स्तर की पढ़ाई कर रही है, ऐसे में उसे कक्षा 5 का प्रमाण पत्र देना पूरी तरह गलत है और उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने यह भी बताया कि एक वर्ष पहले बच्ची का प्रवेश कक्षा 1 में होना था, लेकिन स्कूल ने उसे सीधे कक्षा 3 में दाखिला दे दिया। अब उसे कक्षा 5 का प्रमाण पत्र देकर कक्षा 6 में भेजने की तैयारी की जा रही है।

आरोप है कि जब इस संबंध में स्कूल प्रशासन से शिकायत की गई, तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उल्टा छात्रा को स्कूल आने से मना कर दिया गया और कहा गया कि उसका दाखिला अब जूनियर (माध्यमिक) विद्यालय में कर दिया गया है, जहां उसकी टीसी भेज दी जाएगी।

छात्रा की मां ने बताया कि गोलागंज के प्राथमिक विद्यालय में मेरी बेटी पढ़ती है। वह कक्षा 3 में पढ़ रही है, लेकिन उसे कक्षा 5 का रिजल्ट दे दिया गया। जब मैंने शिक्षकों से इस बारे में बात की, तो मैं स्कूल गई। वहां टीचर ने कहा कि आप इसका एडमिशन किसी दूसरे स्कूल में करा दीजिए और यहां से चले जाइए।

जब हमने टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि टीसी हम खुद भिजवा देंगे। पहले टीचर ने कहा कि 120 रुपये लेकर आओ। इस पर मैंने कहा कि सरकारी स्कूल में पैसे नहीं लगते, हम बड़ी मैडम को क्या जवाब देंगे। मैंने पैसे देने से मना कर दिया और कहा कि मेरे पास पैसे नहीं हैं।

इसके बाद शिक्षक ने कहा कि सोमवार को आना, उस दिन टीसी मिल जाएगी। फिर उन्होंने कहा कि आप जूनियर स्कूल चले जाओ, हम वहीं टीसी पहुंचा देंगे। जब मैंने कहा कि मेरी बेटी की कक्षा 5 तो अभी पूरी नहीं हुई है, उसे कक्षा 4 में जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि हमने वहां फोन कर दिया है, आप चले जाओ।

उन्होंने मुझे कक्षा 5 का रिजल्ट भी हाथ में दे दिया। मेरी बेटी पिछले एक साल से उसी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रही है, लेकिन एक साल में उसे एबीसीडी तक ठीक से नहीं आती। जब भी मैं उसका बस्ता खोलकर देखती हूं, तो उसमें कोई भी स्कूल का काम किताबों में दिखाई नहीं देता।

हम खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन हमने सोचा था कि हमारे बच्चे पढ़-लिख जाएंगे। हम चाहते हैं कि हमारी बेटी का भविष्य अच्छा हो और वह पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़े। मेरी बेटी कक्षा 3 में पढ़ रही है, लेकिन उसका कक्षा 5 का रिकॉर्ड बना दिया गया है। यह पूरी तरह से शिक्षकों की लापरवाही है।