मुजफ्फरनगर में प्रदूषण को लेकर सियासी घमासान, भाकियू अराजनीतिक कार्यकर्ताओं का डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदूषण विभाग और कुछ फैक्टरी मालिकों की कथित मिलीभगत के चलते जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई सही दिशा में नहीं है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। जनपद मुजफ्फरनगर में प्रदूषण को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के वरिष्ठ पदाधिकारी धर्मेंद्र मलिक पर लगाए जा रहे आरोपों के विरोध में बुधवार को सैकड़ों की संख्या में संगठन के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिले में प्रदूषण को लेकर वास्तविक जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदूषण विभाग और कुछ फैक्टरी मालिकों की कथित मिलीभगत के चलते जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई सही दिशा में नहीं है।
भाकियू (अराजनीतिक) कार्यकर्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि धर्मेंद्र मलिक को अकेला न समझा जाए। यदि जरूरत पड़ी तो सैकड़ों नहीं बल्कि लाखों लोग उनके समर्थन में सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बेवजह संगठन के पदाधिकारियों व किसानों को परेशान करना बंद किया जाए।
डीएम कार्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण रही, हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्कता के चलते प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही गई।
फिलहाल प्रदूषण से जुड़े इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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