कुशीनगर में विवाहिता की संदिग्ध मौत; मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप, शव रखकर सड़क जाम
उप्र के कुशीनगर जनपद के पड़रौना कोतवाली क्षेत्र के सिधुआँ स्थान में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया। मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पहले शव का पोस्टमार्टम कराया।
कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट
कुशीनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के कुशीनगर जनपद के पड़रौना कोतवाली क्षेत्र के सिधुआँ स्थान में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया। मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पहले शव का पोस्टमार्टम कराया।
फिर कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ समय के लिए पड़रौना-दुदही मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने पर जाम तो समाप्त हो गया, लेकिन परिजन अब भी आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़े हैं।
मृतका सुनीता देवी (पत्नी राजेश कुशवाहा), हरि कुशवाहा के परिवार की बहू थीं। सूचना मिलने पर पहुंचे मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने तथा सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
मृतका के पिता सुरेश कुशवाहा, निवासी घरमोड़वा भेड़ियारी (बबुईया हरपुर), ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को विवाह के बाद से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।
उनका कहना है कि ससुराल पक्ष मारपीट करता था और सास जान से मारने की धमकी देती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में इसे सीढ़ी से गिरने की घटना बताकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।
प्रदर्शन के दौरान मायके पक्ष ने साफ कहा कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हैं।
उधर, पड़रौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मायके वाले अंतिम संस्कार नहीं करेंगे फिर पुलिस सख्ती से करवाएगी। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। वहीं, उनके पति राजेश कुशवाहा बाहर एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं।
फिलहाल, मौत के तीसरे दिन भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिजन गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।


