शासन की टीम पहुंची हरदोई, तीन दिन तक परखी स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत; खुल गई पोल
हरदोई जिले में शासन की एक टीम ने 3 दिन रहकर यहां की स्वास्थ्य सेवाओ को परखा, टीम आज जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर हकीकत जानने पहुंची।
हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट
हरदोई/जनमत न्यूज़। यूपी के हरदोई जिले में शासन की एक टीम ने 3 दिन रहकर यहां की स्वास्थ्य सेवाओ को परखा, टीम आज जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर हकीकत जानने पहुंची। यहां अस्पताल में प्रसूताओं को मीनू के अनुसार भोजन न मिलना,दवा काउंटर पर निजी रजिस्टर पर दवाओं का लेखा-जोखा दर्ज मिला।
प्रसव कक्ष में भर्ती किए गए मरीजों का रजिस्टरों पर विवरण अधूरा मिला। जिस पर टीम के रिसर्च आफिसर हरिगोविंद शुक्ला ने अस्पताल प्रशासन से स्टाफ का स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। तीन घंटे के निरीक्षण में अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर मिलीं।
जिले में जिला महिला अस्पताल को मिलाकर पांच एफआरयू सेंटर संचालित हैं और सरकार की मंशा है कि सरकारी अस्पतालों में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव हों। जिससे जच्चा-बच्चा की मृत्यूदर में कमी आए। इसके चलते शासन के निर्देश पर जिले में तीन दिनों से रिसर्च आफिसर हरिगोविंद शुक्ला के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परख रही है।
टीम ने सबसे पहले जिले की संडीला, पिहानी, बिलग्राम और हरपालपुर FRU का निरीक्षण किया था। हरपालपुर में निरीक्षण के दौरान जनरेटर, आपरेशन कक्ष में टेबल खराब मिली। दवा काउंटर पर 241 के सापेक्ष 197 दवाएं उपलब्ध मिलीं।
प्रसव कक्ष में रजिस्टर पर प्रसूताओं का विकरण सही न मिलने पर स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण तलब किया। पैथोलाजी में टेक्नीशियन खून का सही ग्रुप नाम नहीं बता सका।
इसके बाद आज शनिवार को टीम जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची। टीम ने एंबुलेंसों की उपलब्ध के बारे में पूछताछ की। टीम ने दवा काउंटर पर पहुंचकर दवाओं के बारे में जानकारी ली। यहां से टीम प्रसव कक्ष पहुंची तो व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
वहां पर रजिस्टरों पर मरीजों को विवरण पूरा नहीं मिला। जिस पर संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा। इसी तरह टीम ने सभी वार्डों में जाकर दवाओं के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। जिस तरह से खामियां पाई गई है माना जा रहा है कि कोई बड़ी कार्यवाई भी हो सकती है।

Janmat News 
