रायबरेली: ऑटो में महिलाओं को बनाते थे निशाना, टप्पेबाज़ गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
रायबरेली की कोतवाली नगर पुलिस ने टप्पेबाज़ी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद की कोतवाली नगर पुलिस ने टप्पेबाज़ी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह हरियाणा से आकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं को निशाना बनाता था।
गिरोह की महिला सदस्य बच्चे को साथ लेकर ऑटो में सवार होती थीं और बातचीत के दौरान महिलाओं के पर्स से नकदी निकाल लेती थीं। 24 नवंबर को एक महिला अपने बच्चे के साथ ऑटो से घर लौट रही थी। एस.जे.एस. स्कूल के पास एक महिला बच्चा लिए ऑटो में बैठी। रास्ते में बात करते समय उसने पीड़िता के पर्स से 25,000 रुपये निकाल लिए।
पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज हुआ। एक दिसंबर को बैंक से पैसे निकालकर लौट रही एक महिला ऑटो में बैठी थी। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर एक महिला ने बच्चा दिखाते हुए उसका ध्यान भटकाया और पर्स में रखे 20,000 रुपये निकाल लिए। इस मामले में भी कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज की गई।
दोनों घटनाओं के बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह और सीओ नगर अरुण कुमार नौहवार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर जांच कर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी हैं मंजू पत्नी जितेंद्र बावरिया निवासी फरीदाबाद, कृष्णा पत्नी नीरज बावरिया निवासी बल्लभगढ़, नीरज बावरिया पुत्र कालीचरण निवासी बल्लभगढ़, जीतेंद्र बावरिया पुत्र खेमचंद निवासी फरीदाबाद।
पुलिस के अनुसार गिरोह के पुरुष सदस्य ई-रिक्शा और सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं की गतिविधियों की रेकी करते थे। मौका मिलने पर महिला सदस्य बच्चे को साथ लेकर ऑटो में बैठती थीं और बातचीत के बहाने पर्स से रकम निकाल लेती थीं।
वारदात के बाद वे दूसरी गाड़ी से फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों से 25,000 रुपये, 20,000 रुपये और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों को न्यायिक कार्रवाई के लिए अदालत भेज दिया गया है।


