वृक्षारोपण केवल लक्ष्य नहीं, बने जनभागीदारी का अभियान: जिलाधिकारी उरई

उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की.

वृक्षारोपण केवल लक्ष्य नहीं, बने जनभागीदारी का अभियान: जिलाधिकारी उरई
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी वृक्षारोपण अभियान को पूर्ण गंभीरता, समन्वय और जनसहभागिता के साथ सफल बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि उनके संरक्षण, संवर्धन और जीवित रखने की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में वर्ष 2026 के वृक्षारोपण अभियान, गंगा संरक्षण तथा पर्यावरणीय गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने आवंटित लक्ष्य के अनुरूप गड्ढा खुदाई, पौधों की उपलब्धता, रोपण स्थलों के चयन तथा विभागीय तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करें।

उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, वे तत्काल कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य प्राप्त करें तथा प्रतिदिन की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया कि सभी नर्सरियों में पौधों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से समन्वय को प्रभावी बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी विभाग को पौधों की उपलब्धता में कठिनाई न हो।

सभी विभाग समय से अपनी मांग उपलब्ध कराएं तथा पौध वितरण एवं रोपण की संपूर्ण प्रक्रिया का समुचित समन्वय बनाए रखें।  जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया जाए।

विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों को जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। साथ ही प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियो-टैगिंग एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे रोपित पौधों के संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था हो सके। 

गंगा संरक्षण एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी एवं जल स्रोतों की स्वच्छता, हरित क्षेत्र के विस्तार, प्लास्टिक मुक्त वातावरण तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं हरित वातावरण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है, इसलिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण निर्वहन सुनिश्चित करे।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकरी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव,  परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीडीओ प्रशांत पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।