प्रतापगढ़ में अचानक भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दबे 70 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत
उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग के ऊपर अचानक दीवार भरभराकर गिर गई।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग के ऊपर अचानक दीवार भरभराकर गिर गई।
हादसे में बुजुर्ग मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, मोंठिन गांव निवासी नासिर अली (70) पुत्र महबूब अली रोज की तरह शनिवार सुबह घर के बाहर बने छप्पर के नीचे सो रहे थे। सुबह करीब 5 बजे अचानक एक दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने देखा कि बुजुर्ग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इसके बाद लोगों ने तत्काल राहत-बचाव का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर नासिर अली को बाहर निकाला गया। हादसे में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।
परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए लालगंज ट्रामा सेंटर ले जाने की तैयारी की गई। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में असरही गांव के पास उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजन जब उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत होने के कारण परिजन शव को वापस घर लेकर लौट आए।
खेती-किसानी कर परिवार का करते थे भरण-पोषण
मृतक नासिर अली खेती-किसानी का काम करते थे। बताया गया कि खेती के सहारे ही वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन बेटे सब्बीर, सकील और अफसर हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वहीं उनकी बेटी सारजहां का भी निकाह हो चुका है।
अचानक हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुजुर्ग की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम
एक बुजुर्ग की इस तरह अचानक मौत से पूरे मोंठिन गांव में शोक की लहर है। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।




