बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इंटर्न डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बीच मारपीट, जांच कमेटी गठित

बीआरडी मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिल्पा वहिकर ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच मतभेद और कहासुनी का मामला सामने आया है। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज की गई है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इंटर्न डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बीच मारपीट, जांच कमेटी गठित
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

गोरखपुर से अजीत सिंह की रिपोर्ट —

गोरखपुर/जनमत न्यूज। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी के दौरान इंजेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर मारपीट में बदल गया। घटना वार्ड के भीतर मरीजों और तीमारदारों की मौजूदगी में हुई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और इलाज व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर सर्जरी विभाग का एक इंटर्न डॉक्टर ट्रॉमा वार्ड में इंजेक्शन लेने पहुंचा। आरोप है कि वह एक साथ पूरा पैकेट ले जाने लगा, जिस पर ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने आपत्ति जताई। कर्मचारियों ने कहा कि जितनी आवश्यकता हो, उतनी ही दवा ले जाई जाए, क्योंकि सभी दवाओं का रिकॉर्ड वार्ड में दर्ज किया जाता है।

स्टाफ का कहना है कि बिना एंट्री दवा ले जाने से हिसाब-किताब में गड़बड़ी हो सकती है और बाद में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई।

नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि बहस बढ़ने पर इंटर्न डॉक्टर ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर वार्ड में पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

आरोप है कि इंटर्न डॉक्टरों ने नर्सिंग स्टाफ संतोष मसीह, शिवम मिश्रा और जय प्रकाश को घेरकर जमीन पर गिरा दिया और उनके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य कर्मचारियों के साथ भी धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

घटना के समय वार्ड में कई मरीज भर्ती थे और उनके परिजन भी मौजूद थे। अचानक हुई मारपीट से अफरा-तफरी मच गई। कुछ समय के लिए उपचार कार्य भी बाधित हुआ। घायल कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।

नर्सिंग स्टाफ का यह भी आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन के पास पहुंचे तो मामले को शांत कराने की कोशिश की गई। कुछ कर्मचारियों ने दावा किया कि उन्हें ही उल्टा फंसाने की बात कही गई।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिल्पा वहिकर ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में इंटर्न डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच मतभेद और कहासुनी का मामला सामने आया है। दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।