संभल में सरकारी जमीन पर बनी मजार पर चला बुलडोजर, 24 वर्ग मीटर भूमि कराई गई मुक्त

उप्र के संभल जिले में सरकारी भूमि पर बने एक मजारनुमा ढांचे को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार 24 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था।

संभल में सरकारी जमीन पर बनी मजार पर चला बुलडोजर, 24 वर्ग मीटर भूमि कराई गई मुक्त
Published By- Diwaker Mishra

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जिले में सरकारी भूमि पर बने एक मजारनुमा ढांचे को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार 24 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था।

तहसीलदार न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश दिए जाने के बाद जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई। पूरा मामला जनपद के बबराला थाना क्षेत्र के गांव बाघऊ का है।

यहां "खैर वाले बाबा चमन शाह बाबा दरगाह शरीफ" के नाम से सरकारी भूमि पर निर्माण किया गया था। लेखपाल की जांच रिपोर्ट के अनुसार गाटा संख्या 592 की भूमि में से 24 वर्ग मीटर क्षेत्र पर अजीज पुत्र अल्लाह निवासी बाघऊ का अवैध कब्जा पाया गया।

अजीज के खिलाफ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत 18 अप्रैल 2026 को वाद दर्ज किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि लगभग पांच वर्ष पूर्व उक्त स्थान पर मजार के नाम पर कब्जा कर निर्माण कराया गया था।

शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे कई वर्ष पुरानी इस मजार पर प्रशासन का बुलडोजर चला। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए मजारनुमा ढांचे को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही।

अजीजमुतबल्ली का कहना है कि यह मजार 500 से 600 वर्ष पुरानी है। उनका दावा है कि कई पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन यह मजार यहां मौजूद रही। उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों के लोग भी इस स्थान को जानते हैं।

अजीज के अनुसार यहां माता रानी का मंदिर और पीर बाबा की मजार दोनों आस्था के केंद्र रहे हैं तथा दर्शन के लिए आने वाले लोग दोनों स्थानों पर जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मजार और उसका गेट तोड़ दिया, जबकि किसी प्रकार की समस्या नहीं थी। अजीज का कहना है कि जब आसपास के गांवों के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो विभिन्न समुदायों के लोगों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई।

संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि थाना बबराला क्षेत्र के बाघउ  गांव में नदी क्षेत्र में बनी मजार और अन्य अवैध संरचनाओं को प्रशासन द्वारा ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कर लैंड बैंक बनाने की अवधारणा के तहत प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। एसपी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है।

सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है। आज की कार्रवाई के दौरान चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। नदी क्षेत्र में स्थित अवैध निर्माणों को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है।

संभल जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि संबंधित भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। इस मामले की सुनवाई तहसीलदार न्यायालय में हुई, जहां जांच और सुनवाई के दौरान अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। इसके बाद आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि अपील पर पूर्ण सुनवाई के बाद भी अवैध कब्जे के संबंध में दिए गए आदेश को बरकरार रखा गया। इसी क्रम में प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। अब उक्त सरकारी भूमि को पूरी तरह से अवैध कब्जे से मुक्त कर दिया गया है।