जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, किसानों को शत-प्रतिशत दिलाएं लाभ: जिलाधिकारी उरई

उरई जनपद में संचालित भूमि संरक्षण एवं जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, किसानों को शत-प्रतिशत दिलाएं लाभ: जिलाधिकारी उरई
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद में संचालित भूमि संरक्षण एवं जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई, निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाया जाए तथा कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि संरक्षण एवं जल संरक्षण की योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने, बंजर भूमि के सुधार और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। इसलिए सभी अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद स्थापित करें, उन्हें योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें योजनाओं से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि भूमि संरक्षण इकाई राष्ट्रीय जलागम द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना बीहड़ बंजर सुधार के अंतर्गत 501.86 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 300 हेक्टेयर में ही कार्य कराया गया है।

वहीं खेत तालाब योजना के अंतर्गत 230 तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 09 तालाब ही निर्मित किए गए हैं। इसी प्रकार भूमि संरक्षण इकाई राष्ट्रीय जलागम प्रथम द्वारा 300 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष 190 हेक्टेयर में कार्य कराया गया है तथा 230 खेत तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 10 तालाब बनाए गए हैं।

भूमि संरक्षण इकाई राष्ट्रीय जलागम द्वितीय द्वारा 630 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष 294 हेक्टेयर में कार्य कराया गया है, जबकि 230 खेत तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 12 तालाब ही बनाए गए हैं।

वहीं भूमि संरक्षण इकाई डीपीएपी द्वारा 552 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 195 हेक्टेयर में ही कार्य कराया गया है तथा 230 खेत तालाबों के लक्ष्य के सापेक्ष 10 तालाब ही बनाए गए हैं।

प्रगति अपेक्षित न मिलने पर जिलाधिकारी ने चारों इकाइयों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए कार्यों में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कराए गए सभी कार्यों का स्थलवार फोटो प्रलेखन तैयार कर पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।

उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि फील्ड में सक्रिय रहकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसानों को योजनाओं से जोड़ते हुए जल संरक्षण एवं भूमि सुधार के कार्यों को अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं, जिससे अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, भूमि संरक्षण अधिकारी गौरव यादव, भूमि संरक्षण अधिकारी मधुवेश पाठक आदि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।