भदोही पुलिस का साइबर ठगी के नेटवर्क पर करारा प्रहार, 05 अभियुक्त गिरफ्तार

उप्र के भदोही जनपद पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के माध्यम से धन उगाही करने वाले 05 अभियुक्त गिरफ्तार किया है।

भदोही पुलिस का साइबर ठगी के नेटवर्क पर करारा प्रहार, 05 अभियुक्त गिरफ्तार
Published By- Diwaker Mishra

भदोही से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट

भदोही/जनमत न्यूज़। उप्र के भदोही जनपद पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के माध्यम से धन उगाही करने वाले 05 अभियुक्त गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों द्वारा विभिन्न राज्यों से प्राप्त कुल 18 NCRP शिकायतों में कुल 50 लाख से अधिक धनराशि का फ्रॉड किया गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक  क्षेत्राधिकारी साईबर क्राइम के नेतृत्व में थाना भदोही  एवं साइबर क्राइम थाना  पुलिस के संयुक्त कार्यवाही CYBER VAJRA अभियान के अंतर्गत मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में NCRP/JMIS पोर्टल पर चिन्हित म्यूल बैंक खातों के संबंध में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों का परीक्षण एवं विस्तृत जांच की गई।

जांच के दौरान बैंक खातों के ट्रांजेक्शन, केवाईसी अभिलेख, मोबाइल नंबर एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया जिसमें जांच के दौरान मो। इरफान, अमन, गुफरान, समीर अंसारी एवं सैदान अंसारी के नाम से संचालित 05 म्यूल बैंक खाते चिन्हित पाए गए, जिन पर विभिन्न राज्यों से कुल 18 एनसीआरपी (NCRP) साइबर धोखाधड़ी शिकायतें दर्ज थीं (जिसमें 02 अभियोग कर्नाटक एवं मध्यप्रदेश अभियुक्त इरफान एवं गुफरान के विरुद्ध दर्ज है)।

जिसमें कुल करीब 50 लाख धनराशि का विभिन्न साइबर अपराधों के माध्यम से धन उगाही की गई थी। जांच के क्रम में स्पष्ट हुआ कि विभिन्न राज्यों से साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि इन अभियुक्तों द्वारा सर्वप्रथम इन खातों में प्राप्त होती है तथा बाद में AEPS, ATM, UPI एवं अन्य माध्यमों से निकासी स्थानांतरण किया जाता है।

उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित खाताधारकों की भूमिका संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध थाना भदोही पर मु0अ0सं0-378/2026 धारा 318(4)/317(4) बीएनएस व 66 डी आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुए साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। शेष अन्य 03 वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है

पूछताछ एवं विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्तगण  द्वारा बताया गया कि वे व्हाट्सएप टेलीग्राम पर विभिन्न ग्रुप बनाकर फर्जी निवेश (Investment), टास्क आधारित कमाई एवं शेयर मार्केट से संबंधित फर्जी वेबसाइट पोर्टल संचालित करते थे।

लोगों को कम समय में अधिक लाभ का झांसा देकर एपीके (APK) फाइल भेजना, मोबाइल हैक करना, विदेशी नंबरों के माध्यम से फर्जी क्यूआर लिंक उपलब्ध कराना तथा अन्य साइबर माध्यमों से धोखाधड़ी कर धनराशि प्राप्त करते थे।

साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को म्यूल बैंक खातों में मंगाकर एटीएम, यूपीआई एवं अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकालकर अपने-अपने उपयोग में लाते एवं विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर देते थे। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों एवं वित्तीय लेन-देन के संबंध में विस्तृत विवेचना की जा रही है।