संभल न्यायालय परिसर में दो पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट, दोनों की वर्दी फटी; मची अफरा तफरी
उप्र के संभल जिला न्यायालय परिसर से पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल चोरी के आरोपी को बंदीगृह की बैरक में दाखिल करने को लेकर जीआरपी और बंदीगृह में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया।
संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट
संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जिला न्यायालय परिसर से पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल चोरी के आरोपी को बंदीगृह की बैरक में दाखिल करने को लेकर जीआरपी और बंदीगृह में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया।
पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। करीब 25 मिनट तक चले इस विवाद में दोनों पक्षों के सिपाहियों की वर्दी तक फट गई। न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट का वीडियो भी सामने आया है।
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित संभल जिला न्यायालय परिसर का है। शुक्रवार को जीआरपी थाने में तैनात सिपाही धर्मेंद्र और तारीक एक मोबाइल चोरी के आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए पहुंचे थे।
आरोपी की न्यायालय में पेशी पूरी होने के बाद दोनों सिपाही उसे न्यायालय परिसर स्थित बंदीगृह में दाखिल कराने पहुंचे, इसी दौरान बंदीगृह में तैनात सिपाही विनीत कुमार ने आरोपी को बैरक में रखने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर जीआरपी और बंदीगृह में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच विवाद शुरू हो गया।
बंदीगृह के सिपाही विनीत कुमार का कहना था कि मोबाइल चोरी के आरोपी के पैर में गंभीर चोट है। ऐसे में उसे तत्काल बैरक में रखने के बजाय संबंधित प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक व्यवस्था होने तक इंतजार किया जाए, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई।
कुछ देर तक दोनों पक्ष एक-दूसरे से बहस करते रहे, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया, न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट शुरू होते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। न्यायालय में मौजूद बंदियों के साथ आए लोगों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच करीब 25 मिनट तक विवाद और मारपीट होती रही। इस दौरान दोनों पक्षों के सिपाहियों की वर्दी तक फट गई। बंदीगृह में मौजूद अन्य आरोपी भी पुलिसकर्मियों के बीच हो रहे विवाद को देखते रहे।
घटना के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया। पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट का वीडियो अब सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है, करीब 25 मिनट तक चले विवाद के बाद पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया।
इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि विवाद की शुरुआत आखिर किस बात को लेकर हुई और मारपीट की नौबत कैसे आई, इसके अलावा मारपीट में किस पुलिसकर्मी की क्या भूमिका रही और क्या किसी पुलिसकर्मी की ओर से अनुशासनहीनता की गई, इन सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, मारपीट में किसकी भूमिका रही और क्या किसी पुलिसकर्मी ने अनुशासनहीनता की है, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और निर्देशों के अनुसार संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय या अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
न्यायालय परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट का मामला पुलिस अधिकारियों की जांच के दायरे में है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार रहा.




