डीडीयू जंक्शन पर बाल तस्करी का खुलासा, आरपीएफ ने 6 नाबालिग बच्चों को कराया मुक्त

आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराकर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया। वहीं आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

डीडीयू जंक्शन पर बाल तस्करी का खुलासा, आरपीएफ ने 6 नाबालिग बच्चों को कराया मुक्त
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

चंदौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट —

चंदौली/जनमत न्यूज। Chandauli जनपद स्थित Pandit Deen Dayal Upadhyaya Junction railway station पर आरपीएफ और Bachpan Bachao Andolan की संयुक्त कार्रवाई में बाल तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। संयुक्त अभियान के दौरान छह नाबालिग बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाए जा रहे व्यक्ति के कब्जे से मुक्त कराया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार Railway Protection Force (आरपीएफ) को सूचना मिली थी कि कुछ नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर ट्रेन के माध्यम से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए भागलपुर–सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच में जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति छह नाबालिग बच्चों के साथ यात्रा करते हुए पाया गया। पूछताछ करने पर उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की पहचान झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी दिनेश मंडल के रूप में हुई है।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी बच्चों को गुजरात के बड़ोदरा ले जाकर मजदूरी कराने की योजना बना रहा था। इसके लिए बच्चों को सोलर प्लांट में काम दिलाने का झांसा देकर 18 हजार रुपये तक की मजदूरी का लालच दिया गया था।

आरपीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराकर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया। वहीं आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। पुलिस बच्चों के परिजनों से संपर्क करने और उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी पूरी कर रही है।