कड़ी सुरक्षा के बीच अलीगढ़ की ऐतिहासिक ईदगाह पर अदा हुई ईद की नमाज, प्रशासन पर उठे सवाल
सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कुछ धार्मिक एवं राजनीतिक नेताओं ने प्रशासन पर सवाल भी उठाए। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने आरोप लगाया कि नमाजियों को ईदगाह से करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया, जबकि ईदगाह परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध थी।
अलीगढ़ से अजय कुमार की रिपोर्ट —
अलीगढ़/जनमत न्यूज। अलीगढ़ की ऐतिहासिक ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की नमाज शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। इस बार नमाज दो शिफ्टों में संपन्न कराई गई। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। ईदगाह क्षेत्र में 12 से अधिक पुलिस बैरिकेड लगाए गए थे तथा भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई थी। पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से की गई।
हालांकि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कुछ धार्मिक एवं राजनीतिक नेताओं ने प्रशासन पर सवाल भी उठाए। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने आरोप लगाया कि नमाजियों को ईदगाह से करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया, जबकि ईदगाह परिसर में पर्याप्त जगह उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि इसी कारण नमाज निर्धारित समय से लगभग 15 मिनट देरी से शुरू हुई।
वहीं समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार नमाज भारी बैरिकेडिंग और बंदूकों के साए में कराई गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में नमाजी ईदगाह तक नहीं पहुंच सके।
उधर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईद की नमाज पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखना प्रशासन की प्राथमिकता थी और त्योहार को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए थे।
ईदगाह परिसर और आसपास के इलाकों में दिनभर पुलिस गश्त जारी रही। प्रशासन ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।

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