एटा: नहर कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न, ग्रामीणों ने खुद बंद कराया पानी
उप्र के एटा जनपद के राजा का रामपुर थाना क्षेत्र के विजयपुर और लालपुर गांव के बीच स्थित नहर मंगलवार तड़के करीब 4 बजे अचानक कट गई, जिससे देखते ही देखते करीब 5 मीटर चौड़ी खाई बन गई और नहर की पटरी टूट गई।
एटा से नंद कुमार की रिपोर्ट
एटा/जनमत न्यूज़। उप्र के एटा जनपद के राजा का रामपुर थाना क्षेत्र के विजयपुर और लालपुर गांव के बीच स्थित नहर मंगलवार तड़के करीब 4 बजे अचानक कट गई, जिससे देखते ही देखते करीब 5 मीटर चौड़ी खाई बन गई और नहर की पटरी टूट गई।
इसके चलते लालपुर, विजयपुर और बिल्सड़ गांव की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार उस समय खेतों में तंबाकू, गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह पक चुकी थी, लेकिन नहर का पानी तेज बहाव के साथ खेतों में भर गया और पूरी फसल डूब गई।
किसानों ने बताया कि नहर की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है, जिसके कारण हर साल इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नहर कटने की सूचना मिलते ही आसपास के सैकड़ों ग्रामीण और किसान मौके पर पहुंच गए और पानी रोकने का प्रयास करने लगे।
काफी कोशिशों के बाद भी जब पानी बंद नहीं हो सका, तो ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर जेसीबी मशीन मंगवाई और नहर की पटरी को बंद कराया। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद पानी का बहाव रोका जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह से ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन के माध्यम से सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में आक्रोश और निराशा देखी गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने और नहर की नियमित सफाई व मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
विजयपुर निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग 100 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है और 50 से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
वहीं किसान उदयवीर ने कहा कि उनकी तंबाकू, गेहूं और सरसों की पूरी फसल पानी में डूब गई है और बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया।

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