इलाज की जगह संक्रमण फैलाने लगा फतेहपुर जिला अस्पताल, खुले मेडिकल वेस्ट से बढ़ा खतरा
उप्र के फतेहपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहाँ जनपद के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र- जिला अस्पताल में ही स्वास्थ्य मानकों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट
फतेहपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के फतेहपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहाँ जनपद के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र- जिला अस्पताल में ही स्वास्थ्य मानकों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
जिस अस्पताल को लोगों की जान बचाने का केंद्र होना चाहिए, वही आज संक्रमण का केंद्र बनता नजर आ रहा है। दरअसल, जिला अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अस्पताल के भीतर और आसपास मेडिकल वेस्ट खुलेआम फेंका गया है।
खून से सनी नीडल, इस्तेमाल किए गए दस्ताने, मेडिकल कचरा बिना किसी सुरक्षा के जमीन पर पड़ा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि आवारा कुत्ते और जानवर इस मेडिकल कचरे को नोचते नजर आ रहे हैं, जिससे गंभीर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल परिसर में रखे कूड़ेदान पूरी तरह भरे हुए हैं, लेकिन उन्हें समय से खाली नहीं कराया जा रहा। नतीजतन, मजबूरी में कचरा सड़क किनारे और खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है।
मदन मोहन मालवीय नेत्र चिकित्सालय जाने वाले मार्ग के बगल में फैला यह कचरा मरीजों और तीमारदारों के लिए मुसीबत बन चुका है। दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया है, और धीरे-धीरे यह कचरा सड़क तक फैलता जा रहा है।
एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन के जरिए साफ-सफाई को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर यह लापरवाही सरकारी योजनाओं पर सवाल खड़े कर रही है

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