संभल में ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद, किसानों ने की मुआवजे की मांग
संभल जनपद में ओलावृष्टि और तेज बारिश से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। हालांकि जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट
संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में ओलावृष्टि और तेज बारिश से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। हालांकि जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है और किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जनपद के गुन्नौर और चंदौसी तहसील क्षेत्रों में करीब एक घंटे तक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी।
चंदौसी तहसील के लगभग आठ गांवों में बड़े-बड़े ओले गिरे, जिससे कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। इसके अलावा दर्जनों गांवों और बहजोई कस्बे में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में बची हुई गेहूं की फसल भी खराब हो गई।
ओलावृष्टि के बाद दोपहर 1 बजे तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 20 दिनों से 38 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ था।इससे पहले 20 मार्च को हुई बारिश में ही करीब 60 प्रतिशत गेहूं की फसल खेतों में गिर गई थी।
किसानों को प्रति बीघा लगभग तीन क्विंटल गेहूं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश के बाद यह घटकर एक से सवा क्विंटल रह गई थी। अब ताजा ओलावृष्टि ने बची हुई फसल को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया है
किसान छोटेलाल ने बताया कि करीब एक घंटे तक ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिसमें उनकी गेहूं और मक्के की खड़ी फसल बर्बाद हो गई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए

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