हाथरस में बेखौफ चल रहा मिट्टी का अवैध खनन, ग्रामीणों ने अधिकारियों पर लगाए संरक्षण के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन बिना प्रशासनिक संरक्षण संभव नहीं है। उनका कहना है कि जिस तरह से खनन माफिया बेखौफ होकर रात-दिन मिट्टी निकाल रहे हैं, उससे साफ है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों का समर्थन प्राप्त है।
हाथरस से होमेन्द्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट —
हाथरस/जनमत न्यूज। हाथरस जिले में अवैध मिट्टी खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में एक ईमानदार जिला अधिकारी की मौजूदगी के बावजूद हाथरस जंक्शन क्षेत्र में मिट्टी का अवैध खनन दिन-रात जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा न तो इस क्षेत्र में किसी प्रकार की खनन अनुमति दी गई है और न ही किसी को इसकी परमिशन जारी हुई है, फिर भी भारी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी मशीनों के माध्यम से लगातार खनन किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन बिना प्रशासनिक संरक्षण संभव नहीं है। उनका कहना है कि जिस तरह से खनन माफिया बेखौफ होकर रात-दिन मिट्टी निकाल रहे हैं, उससे साफ है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों का समर्थन प्राप्त है। यही वजह है कि शिकायत करने के बाद भी माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं के दबाव और संरक्षण के चलते खनन पूरी तरह से मनमानी तरीके से चल रहा है। लगातार मिट्टी निकाले जाने से गांवों के रास्तों, खेतों और आसपास के पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी ईमानदारी से कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक खनन माफियाओं का बोलबाला खत्म नहीं होगा। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब इस अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाता है और जिम्मेदार लोगों को कटघरे में खड़ा करता है।

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