बलिया में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन, वैवाहिक विवाद ने निवारण पर दी गई जानकारी
उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया अनिल कुमार झा के कुशल मार्गदर्शन में 06 जुलाई को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
बलिया से गणेश तिवारी की रिपोर्ट
बलिया/जनमत न्यूज़। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया अनिल कुमार झा के कुशल मार्गदर्शन में 06 जुलाई को एडीआर भवन, दीवानी न्यायालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में वैवाहिक विवाद के लिए प्री-लिटिगेशन स्तर पर विवाद का निवारण विषय पर, विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव द्वारा बताया गया कि वैवाहिक विवाद के लिए प्री-लिटिगेशन स्तर पर मुकदमा दायर करने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच समझौते या समाधान का प्रयास किया जाता है।
इसका उद्देश्य समय, धन और मानसिक तनाव को कम करना तथा यदि संभव हो तो वैवाहिक संबंध को बनाए रखना या सौहार्दपूर्ण ढंग से अलगाव की शर्तों पर सहमति बनाना है।
मध्यस्थता में निष्पक्ष मध्यस्थ दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से समाधान तक पहुँचने में सहायता करता है। मध्यस्थ निर्णय नहीं देता, बल्कि संवाद को सुगम बनाता है। यदि समझौता नहीं हो पाता, तो संबंधित पक्ष सक्षम न्यायालय में विधि के अनुसार मुकदमा दायर कर सकते हैं।
प्री-लिटिगेशन की प्रक्रिया से गुजरने पर भी न्यायालय जाने का अधिकार प्रभावित नहीं होता। इस दौरान वक्ता के रूप में पिंकी तिवारी मध्यस्थ, वैवाहिक जोड़े, वादकारीगण, मध्यस्थगण व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहें।


