उरई: मतदेय स्थलों के पुनर्गठन पर डीएम की सर्वदलीय बैठक, 9 आपत्तियां स्वीकृत; बनेंगे 5 नए मतदेय स्थल
मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन एवं पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उप्र के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन एवं पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत उरई के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में 45-जालौन (अ.जा.) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 219-माधौगढ़, 220-कालपी एवं 221-उरई (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्रों के मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं समायोजन से संबंधित प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1200 मतदाताओं के मानक, भवन की जर्जर स्थिति, दो किलोमीटर से अधिक दूरी तथा 300 से कम मतदाताओं जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदेय स्थलों का पुनर्गठन किया गया है।
उन्होंने अवगत कराया कि दावे एवं आपत्तियों की अवधि में कुल 53 प्रत्यावेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 9 प्रत्यावेदन स्वीकृत किए गए हैं। वहीं कुछ मामलों में प्राप्त आपत्तियों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को पुनः स्थलीय जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रत्येक निर्णय पूरी निष्पक्षता एवं तथ्यों के आधार पर लिया जा सके।
बैठक में बताया गया कि जनपद में 55 मतदेय स्थलों का समायोजन किया गया है तथा 5 नए मतदेय स्थलों का सृजन किया गया है। पुनर्गठन के बाद जनपद में अब 1024 मतदान केन्द्र एवं 1574 मतदेय स्थल होंगे।
इसके अतिरिक्त 61 मतदेय स्थलों के भवन जर्जर, ध्वस्त अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से परिवर्तित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि मतदेय स्थलों के संबंध में किए गए निस्तारण का अवलोकन कर लें।
यदि कोई सुझाव अथवा तथ्यात्मक आपत्ति हो तो उसे तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं मतदाता अनुकूल बनाया जा सके।
बैठक में विनोद कुमार नगरिया (जिला सचिव, सीपीआईएम), रोहित राठौर (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, अपना दल (सोनेलाल)), जमालुद्दीन (जिला महासचिव, समाजवादी पार्टी), राजीव शर्मा (प्रतिनिधि, समाजवादी पार्टी),
विनय चौरसिया (जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी), भगवती शरण पांचाल (जिला सचिव, बहुजन समाज पार्टी), शांति स्वरूप महेश्वरी (निर्वाचन प्रतिनिधि, भारतीय जनता पार्टी), कमल दोहरे (उपाध्यक्ष, कांग्रेस), रविन्द्र प्रताप सिंह (सदर विधायक प्रतिनिधि) सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


