उरई: डीएम ने मुहम्मदाबाद में विकास कार्यों को परखा, कहा- सुंदरता व पर्यावरण संतुलन के लिए लगाएं पौधा
उप्र के उरई जनपद के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास खण्ड डकोर के ग्राम मोहम्मदाबाद में स्थित तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास खण्ड डकोर के ग्राम मोहम्मदाबाद में स्थित तालाब के जीर्णोद्धार कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब परिसर का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिससे तालाब को सुन्दर, सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि तालाब के चारों ओर साफ-सफाई कराई जाए ताकि क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहे।
उन्होंने कहा कि तालाब केवल जल संचयन का स्रोत ही नहीं है, बल्कि यह गांव की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इसके रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब के चारों ओर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आवश्यक स्थानों पर लाइट लगाई जाए ताकि रात के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और रोशन रहे।
उन्होंने कहा कि लाइट व्यवस्था होने से तालाब के आसपास लोगों का आवागमन सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने तालाब के चारों ओर फेंसिंग कराए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फेंसिंग होने से तालाब की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। फेंसिंग के माध्यम से तालाब के क्षेत्र को संरक्षित किया जा सकेगा, जिससे इसके जीर्णोद्धार का उद्देश्य भी सफल होगा।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि तालाब के चारों ओर वृक्षारोपण कराए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब के आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं ताकि क्षेत्र हरित और पर्यावरण अनुकूल बन सके।
वृक्षारोपण से न केवल वातावरण शुद्ध होगा बल्कि गांव की प्राकृतिक सुंदरता भी बढ़ेगी। जिलाधिकारी ने तालाब को उपयोगी बनाने के लिए उसमें मछली पालन शुरू कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि मछली पालन से ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और तालाब का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने तालाब में कमल के फूल लगाए जाने के निर्देश दिए ताकि तालाब की सुंदरता और आकर्षण बढ़ाया जा सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।

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