प्रतापगढ़: कुंडा में 101 गरीब कन्याओं की सामूहिक बारात, विधायक राजा भैया समेत कई नेताओं ने की अगवानी
उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा में शनिवार को कुंडा में 101 गरीब कन्याओं की सामूहिक बारात निकाली गई।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के कुंडा में शनिवार को कुंडा में 101 गरीब कन्याओं की सामूहिक बारात निकाली गई। इस अवसर पर पूर्व मंत्री और कुंडा विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया', एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह 'गोपाल भैया', बाबागंज विधायक विनोद सरोज समेत कई जनप्रतिनिधि बारातियों का स्वागत करने के लिए मौजूद रहे।
यह आयोजन योगीराज देवरहा बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट और राजा भैया यूथ ब्रिगेड के सहयोग से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया के निर्देशन में संपन्न हुआ। बारात नगर का भ्रमण करते हुए विवाह स्थल बजरंग महाविद्यालय पहुंची।
महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर राजा भैया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दूल्हों का माल्यार्पण किया और उन्हें विवाह मंडप की ओर भेजा। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रस्मों के बीच विवाह संपन्न विद्वान पुरोहितों ने धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं।
हजारों लोग समारोह देखने के लिए उमड़ पड़े। इलाहाबाद-लखनऊ हाईवे पर आने-जाने वाले वाहन और राहगीर भी बारात देखने के लिए रुके। 101 गाड़ियों में पंक्तिबद्ध दूल्हों का भव्य नजारा देखने लायक था।
गरीब कन्याओं के लिए 1993 से अनवरत प्रयास पूर्व विधायक और राजा भैया ने 1993 में पहली बार विधायक बनने के बाद गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने का संकल्प लिया था। पहली बार उन्होंने 25 जोड़ों का विवाह कराया था। तब से यह परंपरा हर साल जारी है और अब यह समारोह 101 जोड़ों तक पहुंच गया है।
विभिन्न जातियों के दूल्हे और व्यापक आयोजन इस बार 101 दूल्हों में 15 विभिन्न जातियों के युवक शामिल थे। इनमें 29 पटेल, 39 सरोज, 11 हरिजन, 5 प्रजापति, 4 सोनकर, 3 मौर्या, 1 पाल, 2 धुरिया,
1 चौरसिया, 1 नाई, 1 विश्वकर्मा, 1 भारती, 1 लोध और 1 निषाद शामिल थे। समारोह में हजारों बाराती और आगंतुकों के लिए भोजन, रुकने और अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं।
नवविवाहित जोड़ों को उपहार और सम्मान राजा भैया और उनके सहयोगियों ने सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप गहने, गैस चूल्हा, बेड, आलमारी, श्रृंगार दान, सोफा सेट, बर्तन, साइकिल और दैनिक उपयोग की वस्तुएं देकर विदा किया। सभी दूल्हे-दुल्हनों को अलग-अलग कमरों में रखा गया और नंबरिंग कर पहचान सुनिश्चित की गई।
रातभर नृत्य और धूमधाम के साथ समाप्त हुआ समारोह शाम को सभी दूल्हे रोडलाइट और डीजे के धुन पर नाचते हुए विवाह स्थल पहुंचे। तत्पश्चात कन्यापक्ष के लोगों ने द्वारपूजन किया। वैवाहिक कार्यक्रम पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
बारात में आए लोगों के लोकनृत्य का कार्यक्रम भी रातभर चलता रहा। इस भव्य सामूहिक विवाह ने नगर में गरीब कन्याओं के जीवन में खुशियों का नया अध्याय जोड़ा और राजा भैया के संकल्प को साकार किया।

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