मालदा में हुई हिंसा लोकतंत्र की हत्या, देश के लिए अच्छी नहीं है यह स्थिति: साध्वी निरंजन ज्योति

फतेहपुर जनपद पहुंची राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने डाक बगले में जनसुनवाई की और समस्याओं को सुनते हुए निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देशित भी किया।

मालदा में हुई हिंसा लोकतंत्र की हत्या, देश के लिए अच्छी नहीं है यह स्थिति: साध्वी निरंजन ज्योति
Published By- Diwaker Mishra

फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट

फतेहपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के फतेहपुर जनपद पहुंची राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने डाक बगले में जनसुनवाई की और समस्याओं को सुनते हुए निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देशित भी किया।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के मालदा में हुई चुनावी हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत एक ऐसा लोकतांत्रिक देश है जो संविधान, न्यायपालिका और कार्यपालिका के सिद्धांतों पर चलता है।

उन्होंने निर्वाचन कार्य में लगे लोगों को घरों में कैद करने और उन पर हमलों की घटनाओं को "लोकतांत्रिक हत्याओं का दौर" करार देते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। उनका मानना है कि यह स्थिति न तो देश के लिए अच्छी है और न ही किसी राज्य के लिए।

उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक दलों को जनता के विश्वास के बल पर चुनाव लड़ना चाहिए, चाहे वे जीतें या हारें, यह निर्णय जनता पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की हिंसा न तो संविधान के दायरे में आती है, न कानून के और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के।

साध्वी ने यह भी उल्लेख किया कि माननीय न्यायालय को इस मामले में संज्ञान लेकर फटकार लगानी पड़ी है। उनका कहना है कि यदि किसी ने काम किया है तो उसे जनता पर भरोसा रखना चाहिए, न कि चुनाव में लगे लोगों पर हमले करने चाहिए।