संभल में बुलडोजर एक्शन लगातार जारी, आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई ईदगाह ध्वस्त

उप्र के संभल जनपद में बुलडोजर एक्शन लगातार जारी है। आज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई ईदगाह को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।

संभल में बुलडोजर एक्शन लगातार जारी, आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई ईदगाह ध्वस्त
Published By- Diwaker Mishra

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में बुलडोजर एक्शन लगातार जारी है। आज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई ईदगाह को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण सरकारी भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के किया गया था। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभियान पूरा किया गया।

पूरा मामला संभल के असमोली थाना क्षेत्र के मढन गांव में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई ईदगाह पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

टीम में नायब तहसीलदार, 8 लेखपाल और 10 राजस्व कर्मियों को शामिल किया गया। प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान ईदगाह की मीनार को भी जेसीबी मशीन की सहायता से गिराया गया। पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी, बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य  है।

सुधीर कुमार, नायब तहसीलदार ने बताया कि असमोली क्षेत्र के मडन गांव से भूमाफियाओं की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसी क्रम में आज आप सभी स्वयं इसके प्रत्यक्षदर्शी हैं। एक महिला ने 4 वर्ष पहले इस भूमि का बैनामा कराया था। इसके बावजूद भूमाफियाओं ने उसे कब्जा नहीं दिया।

न्याय पाने के लिए उसे हाई कोर्ट तक जाना पड़ा। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी उसे कब्जा नहीं मिला, जिसके बाद उसने हमारे विरुद्ध अवमानना (कंटेम्प्ट) याचिका दायर की। इसके उपरांत आज उसे कब्जा दिलाया गया। आपने स्वयं देखा कि कब्जाधारियों ने इसका कितना विरोध किया।

यह गाटा संख्या 208 और 210 के किनारे की भूमि है, जिसे कब्रिस्तान के रूप में सुरक्षित किया गया है। कब्रिस्तान में नमाज अदा करना कहीं से भी उचित नहीं है। यदि वास्तव में धार्मिक उद्देश्य होता, तो कब्रिस्तान को ईदगाह का स्वरूप नहीं दिया जाता। यह भूमाफियाओं का कृत्य है।

ईदगाह की आड़ लेकर इस भूमि की अवैध प्लॉटिंग कर अवैध धन अर्जित करने का प्रयास किया जा रहा था। यह सड़क किनारे स्थित महत्वपूर्ण भूमि है, जो पेट्रोल पंप जैसे सार्वजनिक उपयोग के लिए भी उपयुक्त है।

इस संबंध में मेरे न्यायालय द्वारा अप्रैल माह में ही आदेश पारित कर दिया गया था। आज उसी आदेश का अनुपालन कराते हुए कार्रवाई की गई है।

भविष्य में जिन-जिन ग्रामों में इस प्रकार के अवैध कब्जे हैं, वे स्वयं अपना कब्जा हटा लें। अन्यथा उनके विरुद्ध इससे भी अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।