उरई: जमीन की साझेदारी से पीछे हटने पर धमकी, तमंचा लगाकर मांगे दस लाख रूपये; मुकदमा पंजीकृत

उप्र के उरई जनपद में जमीन के सौदे में साझेदारी के चक्कर में शुरू हुआ विवाद अब जबरन वसूली और जानलेवा धमकी तक जा पहुंचा है।

उरई: जमीन की साझेदारी से पीछे हटने पर धमकी, तमंचा लगाकर मांगे दस लाख रूपये; मुकदमा पंजीकृत
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद में जमीन के सौदे में साझेदारी के चक्कर में शुरू हुआ विवाद अब जबरन वसूली और जानलेवा धमकी तक जा पहुंचा है। कोतवाली उरई में उमाकांत राजपूत पुत्र स्वर्गीय राम सनेही राजपूत निवासी मोहल्ला महावीर पुरा ने प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उमाकांत राजपूत ने पुलिस को बताया कि जमीन की एक सौदे में साझेदारी के लिए उन्होंने महेंद्र वर्मा सिंघानिया पुत्र स्वर्गीय गया प्रसाद वर्मा को 80,000 रुपये ऑनलाइन और 2,20,000 रुपये नकद दिए थे।

बाद में जब उन्होंने हिस्सेदारी से मना कर अपनी रकम वापस मांगी, तो महेंद्र वर्मा ने उल्टे उन्हें एससी/एसटी के मुकदमे में फंसाने की धमकी देनी शुरू कर दी। थोड़ी बहुत रकम वापसी के तौर पर महेंद्र वर्मा ने 50,000 रुपये ऑनलाइन उमाकांत के खाते में डाले, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ।

रात दो बजे घर पर धावा

12 सितंबर 2026 की रात करीब दो बजे महेंद्र वर्मा अपनी महिला मित्र सहित चार साथियों के साथ उमाकांत राजपूत के घर पहुंच गया। दरवाजा खुलते ही उसने उमाकांत की कनपटी पर तमंचा लगाकर जानलेवा धमकी दी।

आरोप है कि उसने कहा, “यदि तुमने अपनी रकम वापस लेने की कोशिश की तो तुम्हें छेड़छाड़, एससी/एसटी सहित कई मुकदमों में फंसा दूंगा।इतना ही नहीं, उसने उल्टे एक सप्ताह के भीतर 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाया और न देने पर मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी।

मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी

इस घटना के बाद उमाकांत राजपूत की तहरीर पर कोतवाली उरई में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 308(6) और 352 के तहत जबरन वसूली व आपराधिक धमकी का मुकदमा पंजीकृत किया गया।  पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी पूछताछ की जा रही है।

मुकदमे में नामजद आरोपियों में शंकर कुशवाहा और उसकी पुत्री पूजा कुशवाहा निवासी वघौरा थाना कोतवाली उरई, यशपाल वर्मा उर्फ बब्बू पुत्र बनवारी हाल निवास गीता आश्रम के पास राम नगर उरई, तथा शकील उर्फ रिहान पुत्र मुन्ना हाल निवास राधा पैलेस के पास उरई शामिल हैं।

बीएनएस की धारा 308(5) और 308(6) में मौत या गंभीर चोट के भय से डराकर वसूली (एक्सटॉर्शन) को गंभीर अपराध माना गया है, जबकि धारा 352 आपराधिक धमकी (क्रिमिनल इंटिमिडेशन) से संबंधित है।  ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल संज्ञान लेना और पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक होता है।

कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पक्ष ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं, इसलिए उन्होंने पुलिस का रुख किया।