बांदा में जुआरियों की पौ-बारह, अमीर घर के बिगड़ैल लड़कों ने जुआ और सट्टा को बनाया रोजगार
उप्र की भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री का दावा कि ‘अपराध खत्म हो चुके है, माफिया और अपराधी यूपी छोड़कर जा चुके है’ को पलीता बांदा जनपद में लग रहा है।
बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट
बांदा/जनमत न्यूज़। उप्र की भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री का दावा कि ‘अपराध खत्म हो चुके है, माफिया और अपराधी यूपी छोड़कर जा चुके है’ को पलीता बांदा जनपद में लग रहा है। जहां रोज मार्केट के बड़े व्यापारी, बेरोजगार युवाओं और बिगड़ैल घर के अमीर लड़कों ने जुआ और सट्टा को अपना रोजगार बना रखा है।
इस खेल में जुआरी लोगों से बहाना और बेबसी बतलाकर रुपया उधार लेते है और जुआ में हारकर फरार हो जाते है। पुलिस मामूली धारा में पकड़कर उसी दिन मुचलके पर छोड़ देती है।
इसके बाद इन्हें कर्ज देने वाला इनके घरों चक्कर लगाता है। ये चेक बाउंस की कानूनी नोटिस लेते नहीं है और इनके परिजन इनको फरार रखते है। फिर विश्वास में जुआरियों को रुपया देने वाला मुकदमा लड़ता है।
बता दें कि बीते माह देहात कोतवाली क्षेत्र में जुआरियों की एक फड़ पकड़ी गई थी। जिसमें पहले तो पकड़ का बरामद रुपया कम दिखाया गया। वहीं गिरफ्तार 8 आरोपियों को मुकदमा अपराध संख्या 210/2026 धारा 13 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के अंतर्गत वाद दर्ज हुआ।
फिर थाना देहात कोतवाली में उसी दिन छोड़ दिया गया। ये अलग बात है कि पुलिस मीडिया सेल में उक्त 8 आरोपियों की तस्वीर डाली गई थी ताकि मीडिया अपनी खबर की खानापूर्ति कर सके।
छोड़ने का कारण था ये सभी बड़े घर के बिगड़े हुए सपूत थे। जिसमें बानगी के लिए शहर के राजपूत नगर निवासी रंजीत राजपूत पुत्र राजकिशोर राजपूत थाना नगर कोतवाली बांदा उसी दिन से लोगों का पूर्व में कर्ज पर लिया रुपया लेकर फरार है।
इसको 5 लाख 80 हजार की तीन बार चेक बाउंस कानूनी नोटिस भेजी जा चुकी है। परिजनों ने नोटिस नहीं ली और रंजीत राजपूत को फरार करा दिया।
इसको ट्रक ट्रांसपोर्ट परिवहन छुड़ाने के लिए 5 लाख 80 हजार रुपया देनदार ने इंद्रा नगर निवासी अपने मित्र के विश्वास पर दिया था लेकिन जुआरी रंजीत राजपूत जुआ खेलकर हार गया और लिया हुआ कर्जा लेकर लगातार फरारी काट रहा है। अब इसके ऊपर मुकदमा किया जाना है।
यह एक केस नजीर है कि बांदा में जुआरियों ने आम लोगों का रुपया हड़पते हुए जुआ के जरायम को रोजगार बना रखा है। काबिलेगौर है कि बांदा शहर में मेडिकल कालेज आसपास, कंचन पुरवा से लेकर कुछ बड़े घरों के अंदर जुआ खिलाया जाता है।
यहां कैमरा और मोबाइल लेकर जाना प्रतिबंधित है। इत्तफाक से यह वीडियो जुआ खेलने वाले ने हार के बाद वायरल कर दिया है। इस कारोबार में सत्तारूढ़ पार्टी के छुटभैया नेता, अमीर घरों के लड़के और कुछ व्यापारी शामिल है।
इन हालात में यदि प्रदेश से अपराध खत्म होने का दावा मुख्यमंत्री करते है तब तो बात ही क्या है। बतलाते चले कि जुआ की नालबंद या छूट की फड़ हल्के की चौकी और कुछ पत्रकार, मुखबिर खास की यारी पर पोषित है।




