पीलीभीत में गन्ना बकाया भुगतान को लेकर किसानों में भारी आक्रोश, गन्ना मंत्री का घर घेरा

उप्र के पीलीभीत जनपद सहित आसपास के जिलों के गन्ना किसानों में बकाया भुगतान को लेकर गहरा आक्रोश पनप गया है। आज हजारों की संख्या में गन्ना किसान गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार के घर पर पहुंच गए।

पीलीभीत में गन्ना बकाया भुगतान को लेकर किसानों में भारी आक्रोश, गन्ना मंत्री का घर घेरा
Published By- Diwaker Mishra

पीलीभीत से प्रेमदेव पाठक की रिपोर्ट

पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद सहित आसपास के जिलों के गन्ना किसानों में बकाया भुगतान को लेकर गहरा आक्रोश पनप गया है। आज हजारों की संख्या में गन्ना किसान गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार के घर पर पहुंच गए।

किसानों का कहना है कि अनेकों बार उनके द्वारा प्रशासन से गन्ना भुगतान को लेकर गुहार लगाई गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। गन्ना किसानों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने कहा कि आज किसान बहुत गहरी पीड़ा में अपना जीवन निर्वाह कर रहा है।

किसी के पास बच्चों की फीस भरने के लिए पैसे नहीं है तो किसी के पास घर के बुजुर्ग का इलाज करने के लिए पैसे नहीं है। लेकिन नेता और प्रशासन कान में तेल डालकर बैठे हैं और उन्हें किसानों का दर्द दिखाई नहीं पड़ रहा। ऐसा लगता है कि सत्ता में बैठे नेताओं की चीनी मिलों से गहरी सांठ-गांठ का खेल चल रहा है।

उन्होंने कहा कि यह समस्या वर्षों से चलती चली आई है और इसीलिए यहां की जनता ने सत्ता में बदलाव किया था। पीलीभीत सहित आसपास के जिलों के लोग बहुत आशान्वित थे क्योंकि गन्ना मंत्री पीलीभीत जिले के एक विधायक को बनाया गया था परंतु इसके बाद भी अगर किसानों को उनका भुगतान नहीं मिल रहा है तो ये  बहुत दुख का विषय है।

सर्वविदित है की नवाबगंज चीनी मिल बंद पड़ी है। पिछले दो सत्रों (2023-24 तथा 2024-25) का किसानों का लगभग 70 करोड रुपए का भुगतान बाकी है। परंतु गन्ना मंत्रालय द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा और किसान लगातार परेशान हो रहा है।

मझोला चीनी मिल जो 2010 से बंद है वो अब तक चालू नहीं हो पाई जबकि सन् 2022 के विधानसभा चुनाव में पीलीभीत जिले में आयोजित एक जनसभा में गृहमंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संयुक्त जनसभा में ये घोषणा की गई थी कि मझोला चीनी मिल शुरू कराई जाएगी।

पांच साल बीत गए परंतु अब तक चीनी मिल चालू नहीं हो पाई। किसानों का कहना है कि आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है? या तो गन्ना मंत्री संजय सिंह गंगवार नहीं चाहते कि मझोला चीनी मिल चालू हो या फिर गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने मंच से किसानों से झूठ बोला।

बरखेड़ा चीनी मिल पर किसानों का लगभग 135 करोड रुपए बकाया है लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा और किसान बदहाल स्थिति में मारा मारा फिर रहा है।

कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने कहा कि किसान अपनी तकलीफें लेकर जाय तो जाय कहां? उन्होंने कहा कि यह दर्द किसानों का है और किसानों को अपनी लड़ाई संगठित होकर स्वयं ही लड़नी पड़ेगी।

प्रदर्शन के दौरान गन्ना मंत्री संजय गंगवार ने कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार को फोन करके उनसे 5 लोगों की टीम बनाकर मुख्यमंत्री से मिलवाने की बात कही जिस पर कुमुद गंगवार ने कहा कि आप हमें समाधान दीजिए। किसान सिर्फ अपनी समस्या का समाधान चाहते हैं। मुख्यमंत्री से मिलना उद्देश्य नहीं है।