चन्दौली: गंगा के जलस्तर में गिरावट, विधायक व एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया सघन निरीक्षण
उप्र के चन्दौली जनपद में गुरुवार को गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से तराई और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
चन्दौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट
चन्दौली/जनमत न्यूज़। उप्र के चन्दौली जनपद में गुरुवार को गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से तराई और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
पिछले कुछ दिनों से जलस्तर में करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि, निचले इलाकों में अब भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच डीडीयू नगर विधायक रमेश जायसवाल ने एसडीएम राजेश कुमार वर्मा के साथ नौका विहार कर बहादुरपुर, कुंडा, कुंडापुर समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित गांवों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ की स्थिति, जलभराव, आवागमन, फसलों और पशुओं की सुरक्षा की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल एवं राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। विधायक प्रतिनिधि संजय पासवान, लेखपाल सुजीत कुमार, ग्राम प्रधान मेराज अहमद और रवि चौधरी भी साथ रहे।
बताया गया कि गंगा का जलस्तर 67.97 मीटर पर स्थिर है। जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के दौरान कई स्थानों पर घरों, संपर्क मार्गों, फसलों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने सुरक्षित आवागमन, राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक रमेश जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री, दवाएं तथा अन्य जरूरी सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और शासन के नियमानुसार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने भी ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा।
गंगा के जलस्तर में गिरावट फिलहाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत का संकेत है। हालांकि, जलभराव और बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन की निगरानी अभी भी जारी है।




