रायबरेली: 2027 चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाया, चर्चा में यादव महासभा की होर्डिंग
उप्र के रायबरेली जिले में इन दिनों यादव महासभा के नाम से लगाए गए होर्डिंग और बैनर चर्चा का विषय बने हुए हैं। शहर के कई इलाकों में लगाए गए विवादित होर्डिंग में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जिले में इन दिनों यादव महासभा के नाम से लगाए गए होर्डिंग और बैनर चर्चा का विषय बने हुए हैं। शहर के कई इलाकों में लगाए गए विवादित होर्डिंग में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
होर्डिंग में उन्हें समाज विरोधी बताते हुए समाज से निष्कासित करने की बात कही गई है। इन होर्डिंग के सामने आने के बाद 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
खास बात यह है कि यह मामला उस समय सामने आया है, जब हाल ही में चर्चित रवि उर्फ आदित्य हत्याकांड में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी यादव समेत 14 अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
यादव महासभा के नाम से लगाए गए बैनरों में वर्तमान सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि, होर्डिंग किस संगठन या व्यक्ति द्वारा लगाए गए हैं और इनमें लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
होर्डिंग सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे यादव समाज और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
फिलहाल विवादित होर्डिंग को लेकर सपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।







