1 सितंबर को दिल्ली में जुटेंगे देश के सभी वामपंथी दल, जालौन से जाएंगे सैकड़ों वामपंथी कार्यकर्ता
देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था और किसानों-मजदूरों समेत विभिन्न वर्गों के अधिकारों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था और किसानों-मजदूरों समेत विभिन्न वर्गों के अधिकारों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है।
पार्टी ने घोषणा की है कि इन मुद्दों को लेकर एक सितंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘बदलाव जरूरी है’ के प्रमुख नारे के साथ विशाल रैली आयोजित की जाएगी। रैली में जालौन जनपद से सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है।
उप्र के उरई जनपद के कोंच रोड स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव कामरेड अरविंद राज स्वरूप ने कहा कि देश का युवा अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक हो चुका है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान ने न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के अधिकार एवं कर्तव्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किए हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यपालिका के स्तर पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जबकि न्यायपालिका संविधान और नागरिकों को मिले मौलिक अधिकारों की प्रभावी रक्षा करने में असमर्थ दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि विधायिका द्वारा बनाए जा रहे कई कानूनों और नीतियों का असर किसान, मजदूर, नौजवान, छात्र, दलित, आदिवासी, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है।
राज्य सचिव ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार आम आदमी की परेशानियां बढ़ा रही है और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं और राष्ट्रीय संपत्तियों के निजीकरण को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश की लाभ कमाने वाली संस्थाओं को बड़े औद्योगिक समूहों के हाथों सौंपा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था के माध्यम से भय का वातावरण बनाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित वामपंथी दलों से जुड़ी निजी जानकारियां मांगे जाने को भी नियमों के विपरीत बताया और कहा कि लोकतांत्रिक संगठनों की गतिविधियों में इस प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर वामपंथी दलों की ओर से दिल्ली के रामलीला मैदान में एक सितंबर को व्यापक जनसभा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचकर लोकतांत्रिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
बैठक में कामरेड सुधीर अवस्थी, कामरेड गिरेन्द्र सिंह, कामरेड संजय पाठक, कामरेड देवेश चौरसिया, कामरेड विनय पाठक सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।







