कुशीनगर: 13 कार्यदिवस में ऐतिहासिक फैसला, विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई मृत्युदंड की सजा

उप्र के कुशीनगर जनपद से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। यहाँ एक बहुचर्चित दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनपद के विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

कुशीनगर: 13 कार्यदिवस में ऐतिहासिक फैसला, विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई मृत्युदंड की सजा
Published By- Diwaker Mishra

कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट

कुशीनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के कुशीनगर जनपद से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। यहाँ एक बहुचर्चित दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनपद के विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

खास बात यह है कि यह पूरा मामला महज़ 13 कार्यदिवसों में निपटा दिया गया, जिसे त्वरित न्याय का एक मजबूत उदाहरण माना जा रहा है। यह मामला 22 फरवरी 2026 का है।

घटनाक्रम के अनुसार कुशीनगर जिले के जटहां बाजार थाना क्षेत्र के एक गाँव में तिलक देखने गए एक 8 वर्षीय मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि मोहल्ले के ही रिश्ते में चाचा लगने वाले पिंटू निषाद ने पहले बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया।

फिर घटना को छिपाने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसकी हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की। पहले शव को झाड़ियों में फेंका और बाद में उसे बखार में छिपा दिया।

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मजबूत केस तैयार किया।

e-Sakshya ऐप के जरिए डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए गए। साथ ही डीएनए रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया। महज 9 कार्यदिवसों में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

अदालत ने रोजाना सुनवाई करते हुए सिर्फ 13 कार्यदिवस में पूरा मामला निपटा दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष पॉक्सो न्यायाधीश, कुशीनगर ने आरोपी पिंटू उर्फ कोयल को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 3 लाख 25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

पीड़ित परिवार ने इस त्वरित न्याय पर संतोष जताया है और पुलिस व अभियोजन टीम की सराहना की है। वहीं, अदालत के इस कड़े फैसले को समाज में अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।